गोमती चक्र के अद्भुत और चमत्कारी उपाय, जो जीवन की दशा और दिशा बदल देंगे।

गोमती चक्र क्या है और इसे घर में रखने के अत्यंत शक्तिशाली फायदे व धन लाभ के लिए अत्यंत  लाभकारी, जीवन की दशा और दिशा को बदलने की शक्ति रखते हैं ?

 महाशक्तिशाली, अत्यंत लाभकारी, दुर्लभ व् प्राकृतिक गोमती चक्र के बारे में जानने वाले है, जो इस पृथ्वी में सिर्फ गोमती नदी में ही पाया जाता है, इस पत्थर का उपयोग हजारों सालों से तांत्रिक क्रियाओं में, पूजा पाठ और गहना आदि के निर्माण कार्य में किया जाता आ रहा है तो, सबसे पहले जानते है की गौमती चक्र क्या है? उसके पश्चात हम जानेंगे कि, इसे घर में रखने के अन्य  लाभकारी फायदे कौन-कौन से है?

गोमती चक्र : गोमती चक्र एक सुंदर प्राकृतिक पत्थर है इसे सुदर्शन चक्र के नाम से भी जाना जाता है, यह गोमती नदी में पाया जाता है, इसके चपटे वाले भाग में चक्र की गोल आकृति प्राकृतिक रूप से बनी होती है और दूसरा भाग खोल कि तरह ऊंचा होता है, इसे नाग चक्र भी कहा जाता है, ज्योतिषों के अनुसार जिसके कुंडली में सर्प दोष होता है, उसके लिए सिद्ध गोमती चक्र बहुत ही लाभदायक है।

(१) सिद्ध गोमती चक्र वास्तु दोष को नष्ट करता है। 11 गोमती चक्र दक्षिण पूर्व दिशा में इमारत की नींव में दबा देने से वास्तु दोष के बुरे प्रभाव दूर हो जाते हैं और घर के रहने वालाें को दीर्घायु और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

(२) सात सिद्ध गोमती चक्र लाल कपड़े में लपेटकर लॉकर या कैश बॉक्स में रखने से कभी धन की कमी नहीं होती। कारोबार में बरकत आती है। धन के साथ अच्छा स्वास्थ्य और समृद्धि भी प्राप्त होती है।

(३) कई लोग ग्यारह सिद्ध गोमती चक्र एक लाल कपड़े में लपेटकर चावल या गेहूं के कंटेनराें में भी रखते हैं। इससे खाद्य पदार्थ कीटों से सुरक्षित रहते हैं।

(४) गोमती चक्र घर में होने से सुख.समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और धन लाभ के साथ नकारात्मक प्रभावों को दूर करता है | 

(५) अगर आपके शत्रु बहुत हैं तो 21 गोमती चक्र के साथ कागज में अपने दुश्मनों का नाम लिखें और उसे जमीन पर गाड़ दें। इससे आप शत्रुओं को पराजित करने में सफल हो जाएगे।

(६) यदि पति.पत्नी में वैवाहिक मतभेद में हैं, तो 11 सिद्ध गोमती चक्र को सफेद कपड़े में बांधकर घर की दक्षिण दिशा में फेंक दे, इससे मतभेद समाप्त हो जाएगा और वैवाहिक जीवन में प्रेम बढ़ेगा।

(७) 21 सिद्ध गोमती चक्र की पूजा देवी लक्ष्मी के साथ दीवाली पर करने से घर में सुख.समृद्धि बनी रहती है।

(१०) सिद्ध गोमती चक्र मन का डर दूर करता है। निर्णय एवं इच्छा शक्ति को बढ़ाता है। जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी हो, वह गोमती चक्र की माला बनाकर पहनें। यह ऊर्जावान महसूस कराता है। गोमती चक्र बच्चे पर बुरी नजर का प्रभाव दूर करता है। अगर बच्चे अक्सर बुरी नजर से प्रभावित रहते हैं, तो एक सुनसान जगह पर जाएं और छह सिद्ध अभिमंत्रित गोमती चक्र बच्चे के सिर पर उल्टी दिशा में सात बार घुमाएं और उन्हें फेंक दें। वापस पीछे देखे बिना अपने घर के लिए आ जाएं। यह प्रयोग पांच बार करें।

(११) यदि किसी व्यक्ति या बच्चे को बार-बार नजर लग जाती है, तो, वह किसी निर्जन स्थान पर जाकर 3 गोमती चक्रों को अपने उपर से 7 बार उतार कर अपने पीछे फेंक दें और पीछे मुड़कर न देंखे। इस क्रिया को करने से कभी नजर दोष नहीं होगा। 

(१२) यदि आपको निरन्तर आर्थिक हानि उठानी पड़ रही है, तो प्रथम सोमवार को 11 अभिमंत्रित गोमती चक्रों का हल्दी से तिलक करें और शंकर जी का ध्यान कर पीले कपड़ें में बांधकर पूरे घर में घुमाकर किसी बहते हुये जल में प्रवाहित करें। इसे करने से कुछ समय पश्चात ही लाभ मिलेगा। 

(१३) यदि कोई बच्चा शीघ्र ही डर जाता है, तो प्रथम मंगलवार को अभिमंत्रित गोमती चक्र पर हनुमान जी के दाएं कन्धे का सिन्दूर लेकर तिलक कर किसी लाल कपड़े में बांधकर बच्चे के गले में पहना दें। बच्चे का डरना समाप्त होगा। 

(१४) यदि आपके हाथों से खर्च अधिक होता है, तो प्रथम शुक्रवार को 11 अभिमंत्रित गोमती चक्रों को पीले कपड़े पर रखकर मां लक्ष्मी का स्मरण कर विधिवत पूजन करें। दूसरे दिन उनमें से 4 गोमती चक्र उठाकर घर के चारों कोनों में एक-2 दबा दें और 3 गोमती चक्र को लाल चस्त्र में बांधकर धन रखने के स्थान पर रख दें तथा 3 चक्रों को पूजा स्थल में रख्र दें। शेष बचें एक चक्र को किसी मन्दिर में अपनी समस्या निवेदन के साथ भगवान को अर्पित कर दें। यह प्रयोग करने से कुछ समय में लाभ दिखने लगेगा।

(१५) यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से अस्वस्थ चल रहा है तो 11 गोमती चक्र कांच की कटोरी में रखकर महामृत्युंजय मंत्र की 11 माला से अभिमंत्रित करें और उनको सफेद कपड़े में बांधकर रोगी के बैड के पाये में बांध दें। लाभ पहुंचेगा। 

(१६) अक्षय तृतीया या शरद पूर्णिमा को 11 या 21 गोमती चक्र लेकर महालक्ष्मी के किसी एक मंत्र ’ओम् महालक्ष्म्यै नमः। ओम् श्रीं श्रियै नमः’ में से किसी एक मंत्र से 11 या 21 मालाओं  का जाप करके सिद्ध करें और अगले दिन उन्हें अपने धन के स्थान में तिजोरी या गल्ले में रखें। घर में धन का चक्र ठीक चलता रहेगा। आमदनी के स्रोत लगातार बनते और बढ़ते रहेंगे।

(१७) यदि कोई व्यक्ति आपके पैसे नहीं लौटा रहा है तो, पांच बड़े गोमती चक्र पर काली स्याही से उसका नाम लिखकर सोमवार को श्मशान क्षेत्र में गाड़ दें और प्रार्थना करें कि अमुक व्यक्ति मेरे पैसे लौटा दे।  लगातार 5 सोमवार करने पर उस व्यक्ति के मन में पैसा लौटाने की भावना जागृत हो जाती है।

(१८) यदि आपके घर का मुख्य द्वार दूषित है तो, द्वार के ऊपर चौखट पर 11 गोमती चक्र सफेद कपड़े में बांधकर लटका दें।

(१९) जिस इंसान की शादी में बाधा आ रही है या फिर शादी नहीं हो रही वो गोमती चक्र को श्री कृष्ण जी की मूर्ति के साथ रखकर सात दिन लगातार पूजा करें तो, बहुत जल्दी शादी हो जाएगी।

(२०) घर में गोमती चक्र रखने से घर में परिवार के लोगों में प्यार बढ़ता और कभी लड़ाई झगड़ा नहीं होता हैं।

गोमती चक्र कब पहनना चाहिए?

गोमती चक्र नियमित रूप से पहनना चाहिए, खासकर जब आप सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और सौभाग्य आकर्षित करना चाहते हैं, जैसे कि त्योहारों और शुभ अवसरों पर। इसे पर्स या कार्यस्थल पर रखना चाहिए, और कुछ खास उद्देश्यों के लिए, जैसे कि मुकदमे में सफलता के लिए या व्यापार वृद्धि के लिए, विशेष अनुष्ठानों के साथ पहनना चाहिए। 

गोमती चक्र गले में धारण करने से क्या होता है?

गोमती चक्र को गले में पहनने के फायदे बताए गए हैं, जैसे बुरी नजर और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव, आर्थिक समृद्धि, स्वास्थ्य लाभ, और मानसिक शांति। इसे बच्चों की सुरक्षा के लिए भी पहनाया जाता है और करियर तथा व्यापार में सफलता के लिए भी लाभकारी माना जाता है। 

गोमती चक्र की जादुई शक्ति क्या है?

हिंदू पौराणिक कथाओं में, गोमती चक्र को भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र का पार्थिव अवतार माना जाता है, जो नकारात्मकता का नाश करने वाला और धर्म की रक्षा करने वाला दिव्य अस्त्र है। इसका उपयोग अक्सर लक्ष्मी पूजा , वास्तु सुधार और ऊर्जा उपचार में किया जाता है।

धन के लिए कितने गोमती चक्र चाहिए?

गोमती चक्र को जीवन में धन और समृद्धि लाने वाला माना जाता है। इसके लाभों का लाभ उठाने के लिए, पूजा कक्ष या कैश बॉक्स जैसे पवित्र स्थान पर विषम संख्या में, अधिमानतः 11 या 21 गोमती चक्र रखने की प्रथा है। ऐसा माना जाता है कि इन स्थानों पर गोमती चक्र रखने से वित्तीय स्थिरता बढ़ती है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

गोमती चक्र को सिद्ध कैसे करें?

गोमती चक्र को सिद्ध करने के लिए, उसे पहले साफ पानी से धोकर पूजा स्थल पर रखें। फिर, गोमती चक्र को लाल कपड़े में रखकर, किसी शुभ मुहूर्त या त्योहार पर, एक या दो मंत्रों के साथ 11 या 21 माला जाप करें। मंत्र 'ओम् वम आरोग्य निकरी रोगान शेषा नमः नमः' (स्वास्थ्य के लिए) या 'ओम् श्रीं नमः' (आर्थिक समृद्धि के लिए) हो सकते हैं। जाप के बाद, गोमती चक्र को सिंदूर की डिब्बी या लाल कपड़े में रखकर तिजोरी या घर के किसी पवित्र स्थान पर रख दें। 

विशेष सलाह:--गोमती चक्र का उपयोग करने से पहले उनको सिद्ध एवं मंत्रों से अभिमंत्रित अवश्य कर लें, अन्यथा प्रयोग करने का कोई फायदा नहीं होगा।

#यदि आपकी जन्म कुंडली में कोई समस्या है तो अपनी जन्म कुंडली दिखाएं हमारा व्हाट्सएप नंबर 945806 4249 आपकी सेवा में उपलब्ध है।

 अनिल सुधांशु 
 ज्योतिषाचार्य 
नीम करोली आश्रम कैंची धाम नैनीताल (उत्तरांचल)

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