योग्य एवं गुणवान पुत्र के लिए करें भगवान सूर्य देव की साधना.
*** गुणवान. चरित्रवान. मेधावी एवं सर्वगुणसंपन्न सुन्दर स्वस्थ और निरोग पुत्र के लिए भगवान सूर्य देव की साधना की जाती है. गुणवान. चरित्रवान. मेधावी एवं सर्वगुण संपन्न. सुन्दर स्वस्थ और निरोग पुत्र के लिए भगवान सूर्य देव की साधना की जाती है. इसमें किसी प्रकार का कोई संशय नहीं है. इसका सबसे बड़ा प्रमाण भगवान सूर्य देव के अति तेजस्वी पुत्र हैं. जिनमें सूर्यपुत्र शनिदेव कर्ण और धर्मराज का नाम बड़ी श्रद्धा से लिया जाता है. जिनकी योग्यता बल और न्याय से, दान से पूरी दुनिया परिचित है. प्रत्येक माता-पिता की इच्छा होती है, उनको ऐसे ही पुत्र प्राप्त हो, जो अपने साथ-साथ उनका भी नाम रोशन करें, लेकिन इसके लिए जप तप और साधना की आवश्यकता होती है. और भगवान भास्कर की साधना आपकी यह मनोकामना पूर्ण करने में पूरी तरह से सक्षम है. आदित्यं च शिवं विद्याच्छिवमादित्यरूपिणाम्। उभयोरन्तरं नास्ति ह्यादित्यस्य शिवस्य च।। एष ब्रह्मा च विष्णुश्च रूद्र एव हि भास्करः। त्रिमूर्त्यात्मा त्रिवेदात्मा सर्वदेवमयो रविः।। सूर्य एवं शिव में कोई भेद नहीं है. क्योंकि ब्रह्मा, विष्णु व रूद्र तीनों देव स्थित हैं। सूर्य ह...