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कुलदेवी कुलदेवता के आशीर्वाद के बिना हमारा कोई भी पूजा पाठ, दान पुण्य सफल नहीं होगा।

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*** हमारे जीवन में कुलदेवी कुल देवता का महत्व उनके आशीर्वाद के बिना तरक्की उन्नति एवं वंश वृद्धि नहीं होती हैं। जब तक आपको कुलदेवी कुलदेवता का आशीर्वाद प्राप्त नहीं होगा तब तक आपका पूजा पाठ जप तप दान पुण्य सफल नहीं होगा,वर्तमान समय में बहुत से लोगों को यह नहीं पता हमारे कुलदेवी कुलदेवता कौन है, इस स्थिति में हमारे परिवार की रक्षा कौन करेगा, हमारे जीवन में कुलदेवी और कुलदेवता का स्थान सर्वोच्च और रक्षक के रूप में है। ये न केवल परिवार की सुख-समृद्धि, वंश वृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा के स्रोत होते हैं, बल्कि जीवन की सभी कठिनाइयों और नकारात्मक बाधाओं से रक्षा भी करते हैं। वे हमारे पूर्वजों की परंपराओं से हमें जोड़कर रखते हैं और उनकी पूजा करने से मानसिक शांति व आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।  कुलदेवी-कुलदेवता का महत्व।  कुलदेवी/कुलदेवता को एक प्रकार का परिवार के लिए दिव्य सुरक्षा चक्र माना जाता है, जो बुरी ऊर्जाओं से रक्षा करते हैं, समृद्धि और सुख, इन देवी-देवताओं की पूजा से घर में आर्थिक समृद्धि, बरकत और शांति बनी रहती है। संतान और वंश वृद्धि, मान्यता है कि, कुलदेवी की कृपा से वंश आगे बढ़...

राजा परीक्षित का जीवन के प्रति मोह भंग हो गया।

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*** राजा परीक्षित का जीवन के प्रति मोह भंग।  राजा परीक्षित को श्रीमद्भागवत पुराण सुनाते-सुनाते शुकदेव जी महाराज को छह दिन व्यतीत हो चुके थे,तक्षक सर्प के काटने से राजा की मृत्यु में अब केवल एक दिन शेष था, फिर भी राजा परीक्षित के हृदय से शोक और मृत्यु का भय पूर्णतः दूर नहीं हुआ था। मृत्यु की घड़ी निकट आती देखकर उनका मन क्षुब्ध हो रहा था, भीतर कहीं न कहीं जीवन के प्रति आस शेष थी।। तब शुकदेव जी महाराज ने एक अर्थपूर्ण कथा आरंभ की— “राजन! बहुत समय पहले की बात है। एक राजा शिकार खेलने जंगल गया। संयोगवश वह मार्ग भटक गया और घने, निर्जन वन में जा पहुँचा। रास्ता खोजते-खोजते संध्या ढल गई। तभी मूसलाधार वर्षा होने लगी। चारों ओर अंधकार छा गया। सिंह, व्याघ्र और अन्य हिंसक पशुओं की गर्जना से जंगल भयावह हो उठा। राजा भयभीत हो गया और रात्रि बिताने के लिए किसी आश्रय की खोज करने लगा.. अचानक उसे दूर एक दीपक की क्षीण लौ दिखाई दी। उस ओर बढ़ने पर एक बहेलिये की छोटी-सी झोंपड़ी मिली। झोंपड़ी गंदी, संकरी, अंधेरी और दुर्गंध से भरी थी। बहेलिया चलने-फिरने में असमर्थ था, इसलिए उसी झोंपड़ी के एक कोने में उसने मल-मू...

लग्जरी लाइफ जीना है तो, शुक्र देवता की साधना कीजिए।

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*** शुक्र यंत्र साधना के चमत्कारी लाभ, शुक्र की कृपा से लग्जरी लाइफ़ मिलती है। शुक्र ग्रह को नवग्रहों में एक बेहद महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। शुक्र, शुभ ग्रह होकर भोग और विलास का कारक ग्रह है और इस पृथ्वी पर जातक पांच कर्मेंद्रियों और पांच ज्ञानेंद्रियों के माध्यम से सुख उपभोग करता है अर्थात् जातक को कब, कितने समय के लिए  सुख उपलब्ध होगा, इसका निर्णय जन्म कुंडली में शुक्र की स्थिति देखकर किया जाता है।  वैदिक ज्योतिष के अनुसार सौंदर्य, आकर्षक, ग्लैमर और लग्जरी लाइफ का कारक ग्रह शुक्र है। जिन लोगों की कुंडली में शुक्र ग्रह स्वामी होता है, उनमें एक विशेष प्रकार का आकर्षण होता है। शुक्र ग्रह की तरह शुक्र यंत्र भी प्रभावकारी और शक्तिशाली माना जाता है। लाभ:- ** शुक्र देव की कृपा से मनुष्य को मान सम्मान यह स्थिति वैभव संसार के समस्त सुख प्राप्त हो जाते हैं क्योंकि शुक्र देवता सभी प्रकार के भौतिक सुखों को देने वाले हैं। **शुक्र यंत्र को अपने घर में स्थापित करने से ये रिश्तों में मज़बूती प्रदान करता है, पारिवारिक सदस्यों के बीच प्यार का माहौल बना रहता है। **इस यंत्र को स्थापित करने से...

अनानास स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

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*** अनानास स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है, शरीर में बढ़ती हुई चर्बी को खत्म करता है और तुरंत खून में घुल जाता है।  अनानास एक उष्णकटिबंधीय फल है, जिसकी उत्पत्ति ब्राजील में हुई है। अनानास अपने स्वादिष्ट स्वाद और आसानी से उगाए जाने के कारण लोगों के बीच लोकप्रिय है। अनानास में कई लाभकारी पोषक तत्व होते हैं और यह समुदाय के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। अनानास का सेवन वयस्कों और किशोरों दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी है। तेजी से वजन घटाने के लिए अनानास का प्रयोग करें। हाँ, अनानास  का संतुलित सेवन वजन और पेट की चर्बी घटाने में मददगार हो सकता है, लेकिन यह सीधे तौर पर जादुई रूप से फैट नहीं जलाता। इसमें कम कैलोरी, उच्च फाइबर और पानी की मात्रा होती है, जो भूख को नियंत्रित करती है और तृप्ति का अहसास कराकर वजन कम करने में सहायता करती है।  अनानास वजन कम करने में कैसे मदद करता है? ब्रोमेलैन  एंजाइम: अनानास में ब्रोमेलैन होता है, जो पाचन में सुधार करता है और सूजन कम करने में सहायक है। यह स्वस्थ पाचन क्रिया को बढ़ावा देता है, जो वज़न घटाने के लिए ज़रूरी है। कम कैलोरी और उच्च फ...

ज्योतिष में चांडल योग को सबसे ज्यादा विनाशकारी और कष्टकारी माना जाता है।

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*** ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में चांडाल योग को बहुत विनाशकारी योग माना जाता है। कुंडली में गुरु और राहू के मिलन से गुरु चांडाल योग का निर्माण होता है, इस योग के बनने से व्यक्ति को शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रुप से परेशानियों का सामना करना पड़ता है,अगर किसी की कुंडली में चांडाल योग बन रहा है तो,जातक को जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है, साथ ही इस योग के बनने से जातक के मान-सम्मान में कमी आती है, धन की समस्या रहे हो जाती है, व्यक्ति गलत रास्ते की ओर मुड़ जाता है, बनते हुए काम बिगड़ने लगते हैं, पूजा पाठ में मन नहीं लगता, जीवन में समस्या नहीं समस्या आने लगते हैं। चांडाल योग के बनने से जीवन पर क्या असर पड़ता है? अगर किसी जातक की कुंडली में गुरु और राहु एक साथ होते हैं तो, चांडाल योग के बनने से आपके चारित्र पर दाग लग सकते हैं, अगर आप शादीशुदा हैं और आपकी कुंडली में गुरु चांडाल योग का निर्माण हो रहा है तो, आपको दांपत्य जीवन में कलह का सामना करना पड़ता है, पति पत्नी के बीच दूरी बढ़ जाती है, कई बार तलाक तक का नंबर आ जाता है। कुंडली में गुरु चाडांल योग के बनने से जातक को अपनी न...

शेयर मार्केट और राजनीति में उम्मीद से ज्यादा सफलता देता है राहु देवता की साधना।

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†**** शेयर मार्केट और राजनीति में सफलता प्राप्त करने के लिए की साधना कीजिए,राहु यंत्र की साधना जीवन में तरक्की और उन्नति के नए रास्ते दिखाती हैं। राहु यंत्र साधना कुंडली में राहु के अशुभ प्रभावों (जैसे कालसर्प दोष, भ्रम, अचानक आर्थिक नुकसान) को कम कर, सुख-समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य, और करियर में सफलता (विशेषकर राजनीति, रिसर्च) प्रदान करती है। यह यंत्र मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास और शत्रुओं पर विजय दिलाने में अत्यधिक प्रभावी माना जाता है।  राहु यंत्र साधना के मुख्य लाभ:-- आर्थिक स्थिरता और सफलता: --राहु यंत्र अचानक आने वाली रुकावटों को दूर करता है और व्यापार में अप्रत्याशित सफलता व धन लाभ में मदद करता है, यह बुरी नजर, छिपे शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा कवच का काम करता है, साथ ही मानसिक तनाव व भ्रम को कम करता है, यह यंत्र राजनीति, अनुसंधान, तकनीक और वकालत जैसे क्षेत्रों में प्रभाव और नाम कमाने में सहायक है, स्वास्थ्य सुधार, त्वचा रोगों, मानसिक तनाव और नशे की लत से राहत दिलाने में यह कारगर माना जाता है।  कालसर्प दोष का निवारण:-- कुंडली में राहु के कारण होने वाले कालसर्प या ...

महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 दिन रविवार, शिवरात्रि की रात में रीढ़ सीधी रखने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

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