वेद माता गायत्री की चमत्कारिक साधना !
*** गायत्री साधना की सरल विधि क्या है? गायत्री ...गायत्री साधना की सरल विधि में सुबह स्नान के बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके कुशा के आसन पर बैठें। पवित्रीकरण, आचमन, शिखा-वंदन, प्राणायाम और न्यास के बाद गायत्री मंत्र का ३, ५ या ९ माला (रुद्राक्ष/तुलसी) जाप करें। मंत्र जाप शांत मन से और होंठ हिलाते हुए करें। नित्य, निश्चित समय और स्थान पर साधना करना सबसे उत्तम माना जाता है। गायत्री साधना की सरल दैनिक विधि (५-१० मिनट): तैयारी:-- सुबह शौच व स्नान से निवृत्त होकर स्वच्छ कपड़े पहनें। आसन:-- कुशा या ऊनी आसन पर बैठें। पवित्रीकरण: ---बाएँ हाथ में जल लेकर उसे दाएँ हाथ से ढँकें और "ॐ अपवित्रः पवित्रो वा, सर्वावस्थांगतोऽपि वा। यः स्मरेत्पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तरः शुचिः॥" मंत्र बोलकर जल को सिर और शरीर पर छिड़कें। आचमन: तीन बार "ॐ अमृतोपस्तरणमसि स्वाहा" कहते हुए जल पिएं। ध्यान:--- माता गायत्री का ध्यान करें (शांत और प्रसन्न मुद्रा में)। गायत्री मंत्र जप: ---तुलसी या रुद्राक्ष की माला से गायत्री मंत्र का जाप करें:-- ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो ...