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दशम महाविद्या ग्रह और उनके उपाय

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*** 🔱 दशमहाविद्या, राशि और ग्रहों का संबंध और अचूक उपाय. दशमहाविद्याओं को तांत्रिक एवं शाक्त परंपराओं में शक्ति के दस महान स्वरूप माना गया है। ज्योतिषीय साधना की एक प्रचलित परंपरा में प्रत्येक महाविद्या का संबंध किसी ग्रह से जोड़ा जाता है। हालांकि अलग-अलग परंपराओं में राशि और ग्रहों के संबंध में मतभेद मिलते हैं, इसलिए इसे सामान्य ज्योतिषीय मार्गदर्शन के रूप में समझना उचित है।  १. माँ काली — शनि शनि से संबंधित बाधा, विलंब, कर्मजनित कठिनाई और भय के समय माँ काली की उपासना की जाती है। राशि: मेष, वृश्चिक से भी संबंध बताया जाता है। शनि शांति: शनिवार को माँ काली का ध्यान, स्तोत्र या नामजप। २. माँ तारा — गुरु ज्ञान, आध्यात्मिक मार्गदर्शन, शिक्षा और गुरु-कृपा के लिए माँ तारा की साधना मानी जाती है। राशि: धनु, मीन। गुरु शांति: गुरु ग्रह कमजोर होने पर तारा उपासना उपयोगी मानी जाती है। ३. माँ त्रिपुरसुंदरी — बुध बुद्धि, वाणी, शिक्षा, कला, सौंदर्य और मानसिक संतुलन से संबंधित साधना। राशि: मिथुन, कन्या। बुध शांति: बुध ग्रह की प्रतिकूलता में त्रिपुरसुंदरी की आराधना की परंपरा मिलती है। ४. माँ भुवनेश...

सिद्ध तांत्रिकों के लिए कुछ भी असंभव नहीं होता.

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*** क्या हर तांत्रिक की अधोगति होती है? — शास्त्र वास्तव में क्या कहते हैं? लोग तांत्रिकों को बुरा व्यक्ति समझते हैं, लेकिन वो यह नहीं जानते कि, तंत्र का मतलब है, तीर सीधा निशाने पर लगना, क्योंकि जो भी सिद्ध तांत्रिक होता है, उसके लिए अच्छा या बुरा कुछ भी संभव नहीं होता, वह अपने शक्ति से कुछ भी करने में समर्थ होता है, इसीलिए कहा जाता है कि, तांत्रिकों से किसी भी मुद्दे पर व्यर्थ में बहस नहीं करना चाहिए, क्योंकि तांत्रिकों को चुनौती देने का मतलब है, अपने खुद के लिए परेशानी खड़ी करना और परेशानी किस रूप में पीछें लग जाए, इसकी कोई शर्त नहीं है.  यदि तांत्रिक लोगों की परेशानियों को दूर करता है और अपनी साधना को लोगों की भलाई में लगता है तो, उसे नरक कि, नहीं, स्वर्ग की प्राप्ति होती है. क्योंकि दुनिया की भलाई करने वालों का कभी बुरा नहीं होता. ** कई बार सिद्धू तंत्र को की कृपा दृष्टि से बड़ी से बड़ी घातक बीमारी पलक झपकते गायब हो जाती है, जिसको कभी संतान होने की कोई आशा न हो उसके संतान हो जाती है, क्योंकि तांत्रिकों को मां शक्ति और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, और वह उन्हीं के अधीन...

राहु का जीवन पर शुभ एवं अशुभ प्रभाव.

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*** राहु का जीवन पर प्रभाव और उपाय. जहां शुभ राहु जातक को जमीन से आसमान में पहुंचा देता है, वही अशुभ राहू जातक को मिट्टी में मिला देता है. वैदिक ज्योतिष में राहु एक विशेष ग्रह है, यह बहुत तीव्र गति से आपके जीवन में अपना असर दिखाता है । ज्योतिष शास्त्र में इसे बहुत मजबूत और अनिश्चित ग्रह माना जाता है, इसका महत्व आपके जीवन में बहुत ज्यादा बढ़ जाता जब इसकी महादशा या अंतर्दशा चल रही हो। राहु का प्रभाव व्यक्ति की मन, भ्रम, अचानक बदलाव और जीवन में सुख-सम्पत्ति से जुड़ा होता है। शुभ राहु व्यक्ति को अचानक ऊंचाइयों पर ले जाता है, जबकि अशुभ राहु उसी ऊंचाई से नीचे लाने के लिए भी जाना जाता है। राहु के लक्षण और उपाय क्या हैं, राहु की महादशा के दौरान क्या सावधानियां बरतें, और राहु को शांत करने के लिये कौन-से घरेलू उपाय उपयोगी हैं। ज्योतिष में राहु का प्रभाव अवस्था प्रभाव और उपाय अशुभ राहु के लक्षण मानसिक अशांति, अचानक धन की हानि, अनिद्रा, भय तथा सही निर्णय न ले पाना । घर में अशांति और तनाव, राहु की महादशा का प्रभाव 18 वर्षों की महादशा होती है, जिसमें शुभ राहु इतनी तेज गति से सफलता देता है, जिसकी कोई...

भगवान शिव के रुद्राभिषेक का महत्व.

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*** #क्या_है_रूद्राभिषेक-का-महात्व_और कैसे_किया_जाता_है? क्यों किया जाता है? #वेदों_में_रुद्र_का_स्वरूप  ******************************************** रुद्राभिषेक का महत्त्व तथा लाभ भगवान शिव के रुद्राभिषेक से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है साथ ही ग्रह जनित दोषों और रोगों से शीघ्र ही मुक्ति मिल जाती है। रूद्रहृदयोपनिषद अनुसार शिव हैं – सर्वदेवात्मको रुद्र: सर्वे देवा: शिवात्मका: अर्थात् सभी देवताओं की आत्मा में रूद्र उपस्थित हैं और सभी देवता रूद्र की आत्मा हैं।   भगवान शंकर सर्व कल्याणकारी देव के रूप में प्रतिष्ठित हैं। उनकी पूजा,अराधना समस्त मनोरथ को पूर्ण करती है। हिंदू धर्मशास्त्रों के मुताबिक भगवान शिव का पूजन करने से सभी मनोकामनाएं शीघ्र ही पूर्ण होती हैं।      भगवान शिव को शुक्लयजुर्वेद अत्यन्त प्रिय है, कहा भी गया है, वेदः शिवः शिवो वेदः। इसी कारण ऋषियों ने शुकलयजुर्वेदीय रुद्राष्टाध्यायी से रुद्राभिषेक करने का विधान शास्त्रों में बतलाया गया है यथा – यजुर्मयो हृदयं देवो यजुर्भिः शत्रुद्रियैः। पूजनीयो महारुद्रो सन्ततिश्रेयमिच्छता।। रुद्राभिषेक के रुप...

सावन के सोमवार में भगवान भोलेनाथ पर क्या चढ़ाने से क्या फायदा मिलता है.

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*** शिवलिंग पर क्या चढ़ाने से क्या फायदा मिलता है, हर समस्या का समाधान भगवान शिव के पास है। ****अनिल सुधांशु  देवों के देव महादेव बड़े ही दयालु और कृपालु हैं, पूरी सृष्टि में  महादेव के समान कोई और देव नहीं है, इसीलिए भगवान शिव को देवता, दानव, मनुष्य, किन्नर, यक्ष, राक्षस सभी पूजते हैं, उनकी साधना आराधना करते हैं भगवान शिव की साधना से राहु केतु शनि शांत हो जाते हैं और नवग्रह अपनी कृपा बरसाते हैं।  भगवान शिव एक लोटा जल से प्रसन्न हो जाते हैं और अपने भक्तों को मुंह मांगा वरदान देते हैं, सावन के सोमवार का इसीलिए बहुत ज्यादा महत्व है इस महीने में भगवान शिव को आप जो भी अर्पित करेंगे, उसका सौ गुना लाभ आपको मिलेगा, भगवान शिव भोग के साथ-साथ मोक्ष भी प्रदान करते हैं, इसलिए तन, मन, धन से उनकी साधना कीजिए और मुंह मांगे वरदानों से अपने जीवन को धन्य कीजिए। शिवलिंग पर गुड़ चढ़ाने के फायदें । अगर आपके घर में परिवार के सदस्यों के बीच काफी कलह हो रहा हैं. परिवार में झगड़ा आदि हो रहा हैं, तथा आप धन की कमी महसूस कर रहे हैं, आपको ऐश्वर्य की प्राप्ति नहीं हो रही हैं, तो शिव मंदिर जाकर शिवलिंग...

आपकी परेशानियों का कारण कहीं आपकी कुलदेवी कुल देवता तो नाराज नहीं है.

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*** आपकी परेशानियों के पीछे कहीं आपकी कुलदेवी, कुल देवता का नाराज होना तो नहीं है. जिसके कारण एक परेशानी खत्म होती है और दूसरी शुरू हो जाती है. कुलदेवी स्तोत्र:-- कुल की रक्षा और परिवारिक समृद्धि का दिव्य उपाय, जिसको नियमित करने से सभी प्रकार की परेशानियों का अंत हो जाता है. नमस्ते मित्रों। क्या आप कभी ऐसा महसूस करते हैं कि, आपके परिवार में अचानक समस्याएं आने लगी हैं, या फिर ऐसा लगता है कि, आपके प्रयासों के बावजूद कुल की प्रगति में बाधाएं आ रही हैं। कई बार इन समस्याओं का संबंध हमारी कुलदेवी या कुलदेवता से जुड़ी ऊर्जात्मक बाधाओं से होता है। आज हम बात कर रहे हैं, कुलदेवी स्तोत्र की, जो न केवल कुल की रक्षा करता है, बल्कि परिवार में समृद्धि, शांति और आशीर्वाद का संचार भी करता है। कुलदेवी कौन हैं और क्यों है, यह स्तोत्र विशेष:-- कुलदेवी वह दिव्य शक्ति हैं जो एक परिवार या कुल की रक्षा, मार्गदर्शन और कल्याण करती हैं। प्रत्येक कुल की अपनी कुलदेवी होती है, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी उस परिवार से जुड़ी रहती है। कुलदेवी स्तोत्र का पाठ करने से कुलदेवी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती है...

अगर धन की समस्या है तो, यह जायफल वाला उपाय जरूर आजमा कर देखें.

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*** जायफल:-- अगर धन की समस्या है तो, इसे जरूर आजमा कर देखें. इन्हें मंत्रों से सिद्ध एवं अभिमंत्रित करके इसका चमत्कारी फायदा उठाएं.  जायफल का प्रयोग धन-दौलत, व्यापार में वृद्धि और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए अत्यधिक चमत्कारी माने जाते हैं, इन्हें विशेष रूप से गुरुवार या शुक्रवार के दिन करने की सलाह दी जाती है。  ** धन की आवक के लिए: एक साबुत जायफल को लाल या हरे कपड़े में बांधकर हमेशा अपनी तिजोरी या पर्स में रखें, यह धन को चुंबक की तरह अपनी ओर खींचता है।  *** स्वस्थ और निरोग रहने के लिए:--  जायफल में गर्म सुई से छेद करके लाल धागे में पिरोकर  या लाल कपड़े में लपेटकर या एक थैली के अंदर रखकर लाल धागे के साथ अपने गले में धारण करें, इससे आप सर्दी जनित रोग:--  जैसे सर्दी, जुकाम, निमोनिया आदि से बचे रहेंगे और शरीर हष्ट पुष्ट बना रहेगा. *** शिवलिंग पर जायफल चढ़ाने के क्या फायदे हैं? शिवलिंग पर जायफल चढ़ाने से कुंडली में बृहस्पति मजबूत होता है, जिससे आर्थिक तंगी दूर होती है। हल्दी या जल में मिलाकर शिवलिंग पर जायफल अर्पित करने से घर में सुख-शांति आती है और करियर...