बिष योग जीवन को नर्क बना देता है।
*** पिशाच योग, राहु शनि के मिलन से बनता है, यह महा विनाशक योग, जो मृत्यु तुल्य कष्ट देता है। राहु और शनि की युति से पिशाच योग बनता है, जिसके नकारात्मक प्रभावों में मानसिक कष्ट, शारीरिक रोग, भ्रम, आर्थिक नुकसान, और जीवन में अस्थिरता शामिल हैं। इस योग के प्रभाव को कम करने के लिए भगवान शिव की पूजा, रुद्राभिषेक, हनुमान चालीसा का पाठ, शनि और राहु के ग्रहों की शांति के लिए उपाय, जैसे दान और पूजा-पाठ करना प्रभावी होता है। पिशाच योग के प्रभाव:-- मानसिक परेशानी: --इस योग से व्यक्ति को मानसिक भ्रम, भय, और बेचैनी महसूस हो सकती है। शारीरिक कष्ट:-- यह योग शारीरिक कष्टों और रोगों का कारण बन सकता है। आर्थिक अस्थिरता:-- धन संबंधी बाधाएं, आर्थिक नुकसान, और कर्ज लेने की स्थिति पैदा हो सकती है, संबंधों में दरार: --घर-परिवार और व्यावसायिक साझेदारों के साथ संबंधों में मुश्किलें आ जाती हैं। जीवन में उथल-पुथल: --जीवन में लगातार उठापटक और उतार-चढ़ाव बने रहते हैं। अशुभ आदतें:-- कुछ मामलों में यह योग व्यक्ति को गलत या अनैतिक कामों की ओर धकेल सकता है। शनि और राहु एक साथ हो तो क्या हो...