विष योग जीवन में मृत्यु के सामान कष्ट देता है.
*** विष योग, जीवन को जहर के समान बना देता है, आदमी को कदम कदम पर दुर्भाग्य और मुसीबतों का सामना करना पड़ता है. कई बार इस योग के कारण व्यक्ति मानसिक रूप से डिस्टर्ब हो जाता है और पागलपन जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है, ऐसे जातक के अंदर बहम की स्थिति बनी रहती है, वह सही से निर्णय नहीं ले पता क्या करें, क्या ना करें, किसी पर विश्वास नहीं करता. अगर कोई उसके भले की बात करता है, तब भी उसे बुरा लगता है और उसे अपना दुश्मन मानने लगता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, विष योग जीवन को मृत्यु से बदतर बना देता है. जिनकी कुंडली में विष योग बन जाता है, उसके जीवन बहुत ही कष्टकारी हो जाता है, ऐसा जातक यदि सोने को भी हाथ लगाए तो, मिट्टी हो जाता है, जीवन में बहुत मुश्किल से सफलता मिलती है और जो सफलता मिलती है वह जातक की योग्यता के अनुसार नहीं होती, जातक लाख योग्यता होने के बाद भी कामयाब नहीं हो पाता, पैसे पैसे के लिए ऐसा जातक मोहताज हो जाता है कर्ज बढ़ जाता है कई बार जीवन में आत्महत्या करने जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है लेकिन यहां यह भी ध्यान रखने वाली बात है कि विश्व योग हमेशा खराब नहीं...