प्रेत योनि से मुक्ति का सबसे सरल उपाय नारायण बलि.
*** नारायण बलि के माध्यम से अकाल मृत्यु अर्थात प्रेत योनि से मृतक की आत्मा को मुक्ति मिलती है. नारायण बलि एक विशेष हिंदू वैदिक कर्मकांड है, जो मुख्य रूप से उन पूर्वजों या परिजनों की आत्मा की शांति और मुक्ति के लिए किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी दुर्घटना, आत्महत्या या असमय (अकाल मृत्यु) हुई हो。 इसका उद्देश्य आत्मा को 'प्रेत योनि' से मुक्त करना और परिवार को पितृ दोष से बचाना है。 घर परिवार में अकाल मृत्यु होने के दुखद परिणाम. घर परिवार में किसी भी सदस्य कि, जब अकाल मृत्यु हो जाती है तो तरह-तरह की परेशानी और समस्याओं को सामना करना पड़ता है, जैसे पारिवारिक सदस्यों की सभी प्रकार की तरक्की उन्नति रुक जाती है, तरह-तरह असाध्य रोग लग जाते हैं, घर में व्यर्थ का लड़ाई झगड़ा रहता हैं, संतान नहीं होती, बच्चों का पढ़ाई लिखाई में मन नहीं लगता, घर की बरकत खत्म हो जाती है, परिवार के सदस्यों पर ऊपरी चक्कर दिखाई देने लगता है. चैन सुकून से नींद नहीं आती. नौकरी व्यापार चौपट हो जाता है. नारायण बलि के मुख्य लाभ:-- पितृ दोष से मुक्ति: यह पूजा कुंडली में मौजूद गंभीर 'पित...