केदारनाथ और पशुपतिनाथ भगवान शिव का एक ही स्वरूप है।
**** भगवान केदारनाथ और पशुपति नाथ एक ही स्वरूप है, दोनों का दर्शन करके ही पूर्ण फल कि, प्राप्ति होती है। पौराणिक कथा के अनुसार केदारनाथ की कहानी में महाभारत के युद्ध में पांडवों ने अपने गोत्र (कौरवों) भाइयों की हत्या कर दी थी। पांडव इस भ्रातू हत्या के पाप से मुक्त होना चाहते थे। इसलिए वे भगवान शिव के दर्शन चाहते थे। परंतु भगवान शिव पांडवों से बहुत नाराज थे, इसलिए पांडव को दर्शन नहीं देना चाहते थे। पांडव भगवान शिव को खोजते हुए काशी तक आ पहुंचे, लेकिन वहां भी उन्हें भगवान शिव के दर्शन नहीं हुए। भगवान शिव जाकर केदार में बस गए। लेकिन पांडवो को जैसे ही ज्ञात हुआ कि भगवान शिव केदार में है वे उनका पीछे करते-करते केदार भी पहुंच गए। भगवान शंकर का बैल रूप तभी, भगवान शंकर ने बैल का रूप धारण कर लिया और अन्य पशुओं में जा मिले। पांडव फिर भी भगवान शिव को ढूंढते ही रहे। तुरंत ही भीम ने अपना विशाल रूप धारण कर लिया और दो पहाड़ पर फैला दिया जिसके बाद सभी पशु गाय बैल पैर के नीचे से चले गए, किंतु भगवान शिव उस पैर के नीचे से जाने को तैयार नहीं हुए। तभी बैल रूपी शिव धरती में समाने लगे और भीम ने बलपूर्वक बैल ...