सूर्य उदय के समय सूर्य देव को जल देने के फायदे!
*** आप सबके अनुरोध पर रविवार पर विशेष आलेख. *** सूर्य उदय के समय सूर्य देव को जल देने के चमत्कारी फायदें, भगवान भास्कर से जो मांगोगे वह मिलेगा! रोज सुबह आपने देखा होगा। कोई छत पर खड़ा है, तांबे के लोटे से पानी की धार गिर रही है, आँखें बंद हैं, होंठों पर "ॐ सूर्याय नमः"। बगल वाली आंटी बाल्टी से ही जल फेंक देती हैं, कोई ऑफिस जाते-जाते बोतल से छींटे मार देता है। सबका भाव एक है — सूर्य देव को प्रणाम। पर परिणाम अलग-अलग क्यों? क्योंकि जल चढ़ाना केवल परंपरा नहीं, एक विज्ञान है। हमारे ऋषियों ने इसे पूजा नहीं, ऊर्जा-प्रबंधन कहा था। सही समय, सही दिशा, सही धातु और सही भाव — ये चार मिल जाएँ तो वही एक लोटा पानी आपकी नींद, मन, काम और किस्मत चारों को बदल देता है। आज यही पूरी विधि, कथा और नियम, 2000 शब्दों की इस छोटी-सी यात्रा में समझते हैं। 1. सूर्य क्यों? करोड़ों लोग क्यों झुकते हैं वेद कहते हैं — "सूर्य आत्मा जगतस्तस्थुषश्च"। सूर्य केवल आग का गोला नहीं, वह इस सृष्टि की आत्मा है। ऋग्वेद के पहले ही सूक्त में अग्नि के बाद सूर्य की स्तुति है। अथर्ववेद कहता है, जो प्रातः सूर्य को देख...