अश्वगंधा केतु को शांत करने का अचूक उपाय.
*** पितृदोष बीमारियों और केतू की शांति के लिए चमत्कारी लाभ पहुंचता है. #केतु अश्वगंधा की जड़ का प्रतिनिधि ग्रह केतु है। केतु के शुभ प्रभाव में वृद्धि करने और बुरे प्रभाव कम करने में अश्वगंधा चमत्कार की तरह काम करता है। अगर आपका केतु निर्बल है, तो पेशाब की बीमारी। * संतान उत्पति में रुकावट। * सिर के बाल झड़ जाते हैं। * शरीर की नसों में कमजोरी आ जाती है। * केतु के अशुभ प्रभाव से चर्म रोग होता है। * कान खराब हो जाता है या सुनने की क्षमता कमजोर पड़ जाती है। * कान, रीढ़, घुटने, लिंग, जोड़ आदि में समस्या उत्पन्न हो जाती है। *यौनशक्ति में कमी आती है .... ओर इन सभी समश्याओ का उपचार अकेला अश्वगंधा कर देता है ।। अगर आप सेक्स पावर, सेक्स में इच्छी की कमी, वीर्य में कमी, शीघ्रपतन जैसी समस्याओं से हो रहे हैं परेशान तो अश्वगंधा का सेवन अवश्य करें. इसमें एक ऐसी शक्तिवर्धक औषधि मौजूद है, जो पुरुषों में यौन क्षमता को दुरुस्त करने में मददगार होता है. अश्वगंधा का सेवन करने से वीर्य की गुणवत्ता में सुधार और संख्याओं में भी वृद्धि करता है, ओर अगर आपके यौनशक्ति दुर्बल नही भी है, तो भी अश्वगंधा का उपयोग...