विजयदशमी दशहरा 2026 किस प्रकार पूजन करें.
**** विजयदशमी (दशहरा) के दिन किसी भी शुभ काम के लिए मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती, यह दिन इतना शुभ होता है. ज्योतिषीय दृष्टि में दशहरे (विजयादशमी) को एक अत्यंत पावन और अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसे हिंदू पंचांग के साढ़े तीन सबसे शुभ मुहूर्तों (साढ़े तीन मुहूर्त) में से एक का स्थान प्राप्त है। इस दिन ब्रह्मांड में ऐसी सकारात्मक ऊर्जा और ग्रहों का ऐसा अद्भुत संयोग बनता है, जो किसी भी नए कार्य की शुरुआत, खरीद-फरोख्त और सफलता के लिए सर्वथा उपयुक्त होता है। 1. सर्वार्थसिद्धि और अबूझ मुहूर्त ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को सर्वार्थसिद्धि योग के रूप में देखा जाता है। इस दिन का समय इतना पवित्र होता है कि किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य को शुरू करने के लिए अलग से कोई पंचांग या शुभ मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि आप लंबे समय से किसी विशेष तिथि का इंतजार कर रहे हैं, तो दशहरा इसके लिए सबसे उत्तम दिन माना जाता है। 2. नए कार्यों और व्यावसायिक शुरुआत के लिए श्रेष्ठ:-- मान्यता है कि, दशहरे के दिन शुरू किए गए कार्य कभी असफल...