काजल के चमत्कारी उपाय शनि राहु केतु कि शांति के अलावा शत्रुओं से रक्षा करते हैं।

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काजल के चमत्कारी प्रयोग, राहु केतु शनि के अलावा शत्रु से रक्षा करते हैं।

काजल का ज्योतिषीय उपयोग शनि, राहु और केतु के अशुभ प्रभाव को कम करने, बुरी नजर से बचाव और नौकरी-व्यवसाय में सफलता के लिए बहुत कारगर माना जाता है। शनिवार के दिन पीपल के नीचे काजल अर्पित करना, या किसी सुनसान जगह पर काजल की डिब्बी गाड़ना शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से राहत दिलाता है।।

काजल के प्रमुख ज्योतिष उपाय:--

शनि दोष मुक्ति:--- शनिवार को सुरमा या काजल की डिब्बी को पीड़ित व्यक्ति के सिर से 9 बार वारकर सुनसान जगह पर जमीन में दबा दें।

नजर दोष से सुरक्षा: --बच्चों या घर को बुरी नजर से बचाने के लिए, शनिवार की रात काजल लगाकर सोएं और सुबह धो लें।

नौकरी/व्यापार में सफलता:-- 5 ग्राम सुरमा की डली को शनिवार के दिन किसी निर्जन स्थान पर जमीन में गाड़ दें।

शत्रु बाधा:-- चांदी के छोटे सांप बनाकर उनकी आंखों में काजल लगाकर, 21 दिनों तक बिस्तर के नीचे रखने से शत्रु शांत होते हैं।

विवाह में देरी:-- यदि विवाह में रुकावट आ रही है, तो शनिवार को सुनसान भूमि पर लकड़ी से जमीन खोदकर काजल का उपाय (नीले फूल दबाना) करें।

1- यदि आपके परिवार में हमेशा कलह रहता हो पारिवारिक सदस्य सुख शांति से न रहते हो तो, शनिवार के दिन सुबह काले कपड़े में जटा वाले नारियल को लपेटकर उस पर काजल की 21 बिंदी लगा लें। और घर के बाहर लटका दें। हमेशा घर बुरी नजर से बच कर रहेगा और हमेशा सुख-शांति रहेगी। यह उपाय घर और घर के मालिक की किस्मत बदल सकता है। 
 
2--रवि पुष्य योग (रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र) में गूलर के फूल एवं कपास की रूई मिलाकर बत्ती बनाएं तथा उस बत्ती को मक्खन से जलाएं। फिर जलती हुई बत्ती की ज्वाला से काजल निकालें। इस काजल को रात में अपनी आंखें में लगाने से हर कोई वश में हो जाता है। ऐसा काजल किसी को नहीं देना चाहिए। 
 
3--नवजात की आंखों में काजल लगाना देश के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित एक सदियों पुराना रिवाज है। शिशु को बुरी नजर से बचाने के लिए उसकी आंखों में सुरमा या काजल लगाया जाता है। पुरानी परंपरा के अनुसार काजल या सुरमा लगाने से शिशु की आंखें उज्ज्वल, बड़ी और आकर्षक दिख सकती हैं। मगर, कोई शोध यह बात साबित नहीं करता है। यह बच्चों के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।
 
4---यदि आप वास्तव में अपने शिशु को सुरमा या काजल लगाना चाहती हैं, तो क्यों न इसे आंखों के अलावा कहीं और लगाया जाए? कुछ माताएं पैर के तलवे, कान के पीछे या माथे की कपाल रेखा पर एक छोटा-सा टीका लगाती हैं। ये सब सुरक्षित विकल्प भी है और इसे बच्चों को नजर दोष से भी बचाया जा सकता हैं।
 
5--काला सुरमा एक शीशी में लेकर अपने ऊपर से शनिवार को नौ बार सिर से पैर तक किसी से उतरवाकर सुनसान जमीन में गाड़ देवें। गाड़ने के बाद पीछे पलटकर न देखें और जिस औजार से गड्डा खोदा गया है उसे भी वहीं छोड़ आएं। इससे शनि का दोष दूर होता है। प्रत्येक शनिवार को रात्रि में सोते समय आंखों में काजल या सुरमा लगाएं।
 
6--यदि आपकी कुंडली में मंगल खराब असर देने वाला सिद्ध हो रहा हो, नीच का हो या कुंडली मांगलिक हो तो सफेद सुरमा आंखों में लगाए। इससे आपका मंगल शुभ असर देना शुरू कर देगा।
 
7--नौकरी जाने का खतरा हो या ट्रांसफर रुकवाना हो, यह प्रयोग लाभकारी है। पांच ग्राम डली वाला सुरमा लें और उसे किसी सुनसान जगह पर गाड़ दें। ध्यान रखें कि सुरमा डली वाला हो और एक ही डली लगभग 5 ग्राम की हो। एक से ज्यादा डलियां नहीं होनी चाहिए। यह भी ध्यान रखें कि गाड़ने के बाद जिस औजार से आपने जमीन खोदी थी उस औजार को वापिस न लाएं, उसे वहीं फेंक दें।

8--राहु की शांति के लिए : अचानक धोखा, धननाश या घटना-दुर्घटना के लिए राहु जिम्मेदार होता है। यदि आपका राहु अशुभ भाव या स्थिति में है तो इसका उपाय करना चाहिए। इसके लिए आप बहते पानी में 400 ग्राम सुरमा बहाएं।
 
सभी ग्रहों को शांत कैसे करें?

सभी ग्रहों को शांत करने के लिए मंत्र जाप (जैसे नवग्रह मंत्र), दान (जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र), संबंधित देवी-देवताओं की पूजा (जैसे शिव, गणेश, भैरव), और अच्छे कर्म (पेड़ लगाना, जानवरों की सेवा, बड़ों का सम्मान) जैसे उपाय किए जाते हैं, जिनमें ग्रहों के अनुसार विशिष्ट वस्तुएं (जैसे सूर्य के लिए गुड़, शनि के लिए सरसों का तेल) और क्रियाएं शामिल हैं, जो जीवन में संतुलन और सकारात्मकता लाती हैं।  
सामान्य उपाय (सभी ग्रहों के लिए):
मंत्र जाप: नवग्रह मंत्रों का नियमित जाप करें (जैसे 'ॐ सूर्याय नमः', 'ॐ सोमाय नमः', आदि)। 
दान: गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र, या अन्न दान करें। 
अच्छे कर्म: बड़ों का सम्मान करें, किसी को दुख न पहुंचाएं, और दूसरों की मदद करें। 
प्रकृति से जुड़ाव: पेड़-पौधे लगाएं और उनकी देखभाल करें, खासकर पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएं। 

ग्रहों के अनुसार विशेष उपाय:---

सूर्य : --सुबह उगते सूर्य को जल चढ़ाएं, गुड़, तांबे की वस्तुएं दान करें। 
चंद्र :-- दूध में मिश्री मिलाकर पिएं या गरीबों को दें। 
मंगल:--- मंगलवार को मसूर दाल या लाल कपड़ा दान करें; कुत्ते को रोटी-गुड़ खिलाएं। 
बुध:--- हरी सब्जियां, साबुत अनाज दान करें, पक्षियों को दाना डालें।
बृहस्पति :--- केले का दान करें, शिक्षकों और गुरुजनों का सम्मान करें। 
शुक्र :-- सफेद वस्त्र, चीनी दान करें; घर में सुगंधित फूल रखें। 
शनि : ---शनिवार को पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं; मजदूरों की मदद करें। 
राहु :---भैरव बाबा की उपासना करें; शिवलिंग पर भांग-धतूरा चढ़ाएं। 
केतु :--- भगवान गणेश की उपासना करें; शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं। 

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अनिल सुधांशु 
ज्योतिषाचार्य 
नीम करौली आश्रम कैंची धाम नैनीताल (उत्तरांचल)

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