शहद स्वास्थ्,य वशीकरण के साथ-साथ ग्रहों को भी शांत करता है
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शहद स्वास्थ्य और वशीकरण के साथ-साथ ग्रहों को भी शांत करता है, शांत किया जाता है।
शहद और भोजपत्र का उपयोग प्राचीन काल से ही तांत्रिक और ज्योतिषीय उपायों में किया जाता है। भोजपत्र पर शहद की मदद से मंत्र लिखकर या नाम लिखकर, शत्रुता दूर करने, धन प्राप्ति, और परीक्षा में सफलता जैसे उद्देश्य पूरे किए जाते हैं। ये उपाय विशेष रूप से एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध हैं।
मुख्य उपाय:--
शत्रुता नाशक (शहद और भोजपत्र)
मान्यता है कि, यदि शत्रु परेशान कर रहा है, तो भोजपत्र पर अनार की कलम से शत्रु का नाम लिखकर उसे शहद की डिब्बी में डुबोकर रख दें,इस उपाय को किसी विशेष दिन (जैसे अमावस्या या रवि-पुष्य योग) करने से शत्रु का प्रभाव कम होता है।
परीक्षा में सफलता (शहद और बेलपत्र)
शहद और बेलपत्र का उपयोग परीक्षा में सफलता के लिए भी एक उपाय के रूप में बताया गया है, जो एकाग्रता बढ़ाने में मदद करता है, इसे भगवान शिव को समर्पित करके (बेलपत्र पर शहद लगाकर) विशेष मनोकामना पूर्ति की जा सकती है,भोजपत्र पर लाल चंदन या अष्टगंध के साथ शहद मिलाकर माता लक्ष्मी का मंत्र लिखने से धन में वृद्धि होती है।
शनि के उपाय :--
1. शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या कुंडली में शनि नीच का होकर बुरे फल दे रहा है तो घर में एक मिट्टी के पात्र में शहद रखना चाहिए। घर में शहद रखने और खाने से शनि शांत रहता है।
2. शनि किसी भी प्रकार से पीढ़ा दे रहा है तो, पांच शनिवार को मंदिर में शहद का दान करना चाहिए। इससे शनि के बुरे फल मिलना बंद हो जाएंगे।
मंगल के उपाय :--
*** चतुर्थ भावस्थ मंगल यदि अशुभ हो, तो शहद का व्यापार कदापि न करें। मंगल चौथे भाव में मंदा होकर बैठा हो तो इसकी शुभता के लिए मिट्टी के बर्तन में शहद भरकर उसे शमशान भूमि में दबा देना चाहिए। लेकिन यह उपाय किसी विशेषज्ञ से पूछकर ही करें।
***मंगल सप्तम एवं अष्टम भाव में मंदा होकर बैठा हो तो, इसकी शुभता के लिए मिट्टी के बर्तन में शहद भरकर उसे सुनसान भूमि में दबा देना चाहिए। लेकिन यह उपाय किसी विशेषज्ञ से पूछकर ही करें
*** बारहवें भाव में मंगल हो तो, दिन की शुरुआत शहद के साथ करेंगे तो लाभ होगा। व्यय भाव में जब मंगल अशुभता लिए हुए हो, तो जातक नित्य सुबह खाली पेट शहद का सेवन करना चाहिए। जन्म कुण्डली के बारहवें भाव में मंगल मंदा होकर बैठा है तो, जल में शहद मिलाकर लोगों को पिलाना चाहिए।
***बारहवें मंगल की शांति के लिए बहते पानी में शहद बहाएं या मंगलवार को हनुमानजी को जब दिया लगाएं तो उसमें थोड़ा शहद भी डाल दें।
***कुंडली के दूसरे भाव में यदि शुक्र बैठा है तो शहद का दान करना चाहिए। इससे मंगल का उपाय होता है, जो कि, संतान की समस्या दूर करता है। अगर जातक स्त्री हो तो शुक्र संतान की समस्या देता है जबकि जातक के पुरुष होने पर पुत्र संतान की प्राप्ति में बाधा उत्पन्न होती है।
***शिवजी का शहद से अभिषेक करने से मंगलदोष दूर होता है और ऋण से मुक्ति भी मिलती है।
व्यापार में इस उपाय से होगा लाभ।
तंत्र शास्त्र के अनुसार, व्यापार में मंदी की वजह से लाभ नहीं हो रहा है तो शहद का यह उपाय आपको जरूर लाभ देगा। इसके लिए आप शहद को दही के साथ मिला लें और किसी नदी या तालाब में प्रावहित कर दें। ऐसा करने से व्यापार में आपको लाभ होगा और नौकरी में भी अच्छे अवसर मिलना शुरू हो जाएंगे।
घर में शांति का होता है वास।
अगर घर के सदस्यों के बीच हर रोज लड़ाई-झगड़ा होता है, जिससे घर की शांति खत्म होती जा रही है तो आप हर रोज सुबह शहद का सेवन करें। ऐसा करने से घर में शांति बनी रहेगी। साथ ही मांगलिक दोष से प्रभावित व्यक्ति मंगलवार को शहद चाटना चाहिए, ऐसा मान्यताएं कहती हैं।
फिजूल खर्च होते हैं खत्म।
अगर आपके बने बनाए कार्य बिगड़ रहे हैं और कुंडली में राहु-केतु भी परेशान कर रहे हैं तो आप चांदी के बर्तन में शहद भरकर रख दें। ऐसा करने से आपकी कार्य बनने लग जाएंगे। साथ ही घर की फिजूल खर्चे भी खत्म होने शुरू हो जाएंगे और आर्थिक समस्या भी दूर होगी।
शनि के प्रकोप से मिलती है मुक्ति।
अगर आप साढ़ेसाती या फिर ढैय्या के प्रकोप से परेशान हैं तो घर में मिट्टी के बर्तन में शहद भरकर रख लें। फिर इसको शनिवार के दिन मंदिर में जाकर चढ़ा दें। ऐसा करने से आपको शनि के प्रकोप से मुक्ति मिल जाएगी। आप शहद की बोतल भी दान कर सकते हैं।
नौकरी की समस्या होती है दूर।
नौकरी की परेशानी से बचने के लिए या फिर नए अवसर प्राप्त करने के लिए रविवार के दिन शहद का दान करें। साथ ही सूर्य को अर्घ्य देते समय पानी में थोड़ा शहद मिला लें। ऐसा करने से नौकरी में उन्नति होगी और समाज में आपका सम्मान भी बढ़ेगा।
मेहनत का मिलेगा पूरा फल।
कड़ी मेहनत के बाद भी धनलाभ नहीं हो रहा है तो चिंता की कोई बात नहीं। इसके लिए आप घर के नींव में शहद दबा दें। ऐसा करने से ना सिर्फ आपको मेहनत का शुभ फल मिलेगा बल्कि कर्ज की समस्या भी धीरे-धीरे दूर हो जाएगी।
वशीकरण प्रयोग।
*प्रत्येक का वशीकरणः ---भोजपत्र पर ऊँ नमः सर्व लोक वशं कराय कुरु कुरु स्वाहा! लिखने के बाद पुष्य नक्षत्र में एक लाख बार जाप करने से किसी का भी वशीकरण किया जा सकता है। इस भोजपत्र को अपने पर्स रखा जाता है या फिर हाथ में बांध लिया जाता है।*
*भोजपत्र से प्रेमिका या पत्नी का वशीकरणः ---जिसे दिल से प्यार किया जाए या जिस पर अपना अधिकार समझा जाए उस स्त्री या प्रेमिका को वशीकरण करने के लिए भोजपत्र पर ऊँ नमः कामाख्या देवी अमुकं मे वशं करी स्वाहा!! मंत्र लिखा जाता है। यहां अमुकं शब्द के स्थान पर वशीभूत किए जाने वाले का नाम लिखा और उच्चारित किया जाता है। रविवार की रात्री में कामाख्या देवी का स्मरण करते हुए इसे सवा लाख बार जाप किया जाता है, जिससे इसकी सिद्धि हो जाती है। इस तरह से बना यंत्र स्त्री या मनोवांछित प्रेमिका को आकर्षित करने के लिए उपयोगी साबित होता है।*
*पति का वशीकरणः पति-पत्नी के बीच प्यार की मधुरता कम हो जाए या फिर पति के पर-स्त्री गमन की आशंका बन जाए, तो एक मंत्र के प्रयोग से उसे वश में लाकर दूसरी औरत के पीछे भटकने या भागने से रोका जा सकता है। यदि मंत्र को भोजपत्र या हाथ के बने कागज पर* *ऊँ नमः अदि पुरुषाय अमुकं कुरु कुरु स्वाहा !! को कोई स्त्री अपनी अनामिका के खून से लिखे, और उसे शहद में डूबोकर रखे तो पति हमेशा वश में बना रहता है। यह एक तरह का चमत्कारी प्रयोग है, जिसके मंत्र में ्््् शब्द की जगह पति या जीवन साथी का नाम लिखा और लिया जाना चाहिए। मंत्र लिखने के बाद इसे 108 बार जाप करना भी आवश्यक है।*
*भोजपत्र से शत्रु पर अंकुशः कई बार शत्रु की गतिविधियां काफी तीव्र हो जाती है और उस वजह से अनावश्यक परेशानी बढ़ जाती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए भोजपत्र के टुकड़े के साथ किया गया उपाय उपयोगी साबित होता है। इसके लिए भोजपत्र पर लाल चंदन से उस शत्रु का नाम लिखें, जिसकी वजह से आपकी परेशानी बढ़ी हो। वह भोजपत्र शहद की चौड़े मुंह वाली शीशी में तब तक डूबी रहे, जब तक कि, वह शत्रु आपके वश मं न आ जाए, यानि कि आपके विरूद्ध उसकी नुकसानदायक हरकतें बंद न हो जाए।*
*दिल में जगहः यदि आप किसी के दिल में अपनी जगह बनाना चाहते हैं, या कहें आपको लगता है कि, कोई आपकी भावना को नहीं समझ पा रहा है और आपकी उपेक्षा कर रहा है, तो इसके लिए भी भोजपत्र के सहयोग से किया जाने वाला एक सरल उपाय है। भगवान श्रीकृष्ण का नाम लेकर भोजपत्र के एक वर्गाकार या आयताकार टुकड़े पर उस व्यक्ति का नाम लिख दें, जिसका लगाव, प्रेम या राग-अनुराग अपने प्रति पाना चाहते हैं। उस टुकड़े को शहद की शीशी में डुबोकर रख दें। जब कभी उसके पास से गुजरें या उसपर नजर चली जाए तब शीशी को दाहिने हाथ से प्यार भरा स्पर्श दें। यह प्रयोग प्रेम-भाव बढ़ाने वाला साबित होगा।*
*भोजपत्र के यंत्रः भोजपत्र के वर्गाकार या आयताकार टुकड़े पर बनाया गया यंत्र विशेषकर दो तरह के होते हैं। एक में विविध समस्याओं के उपाय वाले कुछ शब्दों के विशेष मंत्र होते हैं, जबकि दूसरे प्रकार में तीन के गुणक में नौ या 4 के गुणक में बने 12 छोटे वर्गों में लिखे हुए अंक होते हैं। ये अंक या संख्या इस तरह से लिखे होते हैं इन्हें लंबवत, क्षैतिज या विकर्ण की रेखा में जोड़ने पर हमेश एक समान संख्या बनाते हैं। भोजपत्र पर सर्व-सुख निवारण यंत्र कुछ इस तरह का होता हैः-*
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|8|1|5|2|7|
|6|3|12|11|
|1|4|9|8|1|
|4|5|1|0|13|
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*यह यंत्र सुख-समृद्धि बढ़ाने और तरक्की के मार्ग आई बाधाओं को दूर करने वाला है।.*
विशेष सलाह उपरोक्त कोई भी उपाय किसी विद्वान ज्योतिषी या गुरु के निर्देशन में ही संपन्न करना चाहिए, अन्यथा कई बार फायदे की जगह नुकसान हो सकता है।
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अनिल सुधांशु
ज्योतिषाचार्य
नीम करौली आश्रम कैंची धाम नैनीताल (उत्तरांचल)
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