पेरीडांट रत्न छात्रों और व्यापारियों के लिए अत्यंत लाभकारी है.
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छात्रों और व्यापारियों के लिए किसी वरदान से कम पेरिडॉट पहनने के क्या फायदे होते हैंं, पेरीडांट रत्न धारण करना. किसी वरदान से काम नहीं है.
ज्योतिष शास्त्र में पेरिडॉट घृतमणि) को बुध ग्रह का प्रमुख और अत्यंत चमत्कारी रत्न माना गया है。इसे धारण करने से कमजोर बुध मजबूत होता है, जिससे बुद्धि, व्यापार, और संचार क्षमता में आश्चर्यजनक सुधार देखने को मिलता है.
पेरिडॉट पहनने के मुख्य ज्योतिषीय और जीवन-संबंधी लाभ निम्नलिखित हैं:
1. बुद्धि और एकाग्रता में वृद्धि:--
यह रत्न सोचने की क्षमता, तर्कशक्ति और निर्णय लेने की शक्ति को तेज करता है。विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए यह बहुत लाभकारी है。
2. बेहतर संचार और वाक्पटुता:--
चूंकि बुध ग्रह वाणी और संवाद का कारक है, पेरिडॉट आपकी संचार शैली को प्रभावशाली बनाता है。यह वक्ताओं, लेखकों, और सेल्स/मार्केटिंग प्रोफेशनल्स के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है。
3. व्यापार और धन लाभ:--
बुध व्यापार का देवता है। पेरिडॉट पहनने से व्यापार में आ रही बाधाएं दूर होती हैं, आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और धन-धान्य की वृद्धि होती है。
4. मानसिक शांति और तनाव से मुक्ति:--
यह रत्न मन से घबराहट, नर्वसनेस और डिप्रेशन को दूर करता है。यह शांत और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे क्रोध कम होता है और अच्छी नींद आती है。
5. नकारात्मकता से बचाव:--
पेरिडॉट को सुरक्षात्मक रत्न माना जाता है。यह बुरी नज़र, नकारात्मक ऊर्जा और मानसिक अशांति से बचाने में मदद करता है。
6. स्वास्थ्य लाभ:---
यह रत्न शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स बाहर निकालने, त्वचा और लीवर को स्वस्थ रखने और पाचन शक्ति को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है。
पेरिडॉट किस ग्रह से संबंधित है?
पेरिडॉट (हिंदी में घृतमणि) बुध ग्रह से संबंधित है। ज्योतिषी इस रत्न को कुंडली में बुध को मजबूत करने के लिए सुझाते हैं। कमजोर बुध व्यक्ति की बुद्धि, संवाद क्षमता और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
इसे बुध के रत्न और पन्ना के उपरत्न की तरह पहना जाता है। पेरीडॉट प्यार, संवेदनशीलता और अच्छी सोच देने वाला रत्न है। यह बुध को बल देकर, उसके शुभ फल को बढ़ाता है।
पेरीडॉट पहनने के लाभ:--
वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध के अच्छे व शुभ फल प्राप्त करने के लिए पेरीडॉट रत्न पहना जाता है। जो लोग बुध को प्रसन्न करना चाहते हैं या बुध से संबंधित क्षेत्रों में सफलता पाना चाहते हैं वे पेरीडॉट रत्न धारण करें। यह देखने में भी बहुत सुंदर और आकर्षक होता है। इसे कई लोग ज्वेलरी के रूप में भी पहनते हैं।
पेरीडॉट न केवल ज्योतिषीय लाभ, बल्कि हीलिंग के लिए भी पहना जाता है।
इसको पहनने से शारीरिक और बौद्धिक शक्ति बढ़ती है। साथ ही जैविक क्रियाओं को बेहतर कर स्वास्थ्य अच्छा करता है। इसे व्यापर, गायन, मीडिया में सफलता और जीवन को सुखमय बनाने के लिए भी पहना जाता है।यह अस्थमा, साइनस और तनाव में कमी लाता है। इसे तुला राशि का रत्न भी माना जाता है।
पेरीडॉट की धारण विधि :--
बुधवार को सोने/चांदी की अंगूठी में पेरीडॉट को धारण किया जाता है। पेरीडॉट कम से कम 6/7 रत्ती का पहनना चाहिए। इसे दाएं हाथ की छोटी अंगुली में पहनते हैं।
अनिल सुधांशु
नीम करोली आश्रम कैंची धाम नैनीताल (उत्तरांचल)
** बाबा अलखनाथ मंदिर बरेली (उत्तर प्रदेश )
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