मंगली जातक जातिकाओं का विवाह और विशेष सावधानी.
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मांगलिक कुंडली का जीवन पर प्रभाव और उपाय, मांगलिक जातक को मांगलिक जातक से ही विवाह करना चाहिए. अन्यथा कई बार जीवन में बड़ी समस्याएं खड़ी हो जाती हैं.
कभी कभी धोके से या अनजाने में भी किसी मांगलिक दोष वाले पाटर्नर से विवाह हो जो जाये तो, ज्योतिष के अनुसार उनका उपाय करना जरूरी हो जाता है
नहीं तो दाम्पत्य जीवन में समस्या आने लगती है, जब किसी लड़के या लड़की की कुंडली में पहले, चौथे, सातवें, आठवे या बारहवे भाव में मंगल ग्रह हो तो ऐसे लोग मांगलिक कहलाते है, और उनकी कुंडली में मंगल दोष पाया जाता है ।
अगर विपरीत से हो जाये तो, दोनों के वैवाहिक जीवन में असंतोष, संतान उत्पन्न में परेशानी, महत्वाकांक्षाओं का बढ़ना, पति पत्नी में आपस में संबंध ठीक ना रहना, तलाक होने तक की नौबत आ जाती है, कभी कभी तो जिन्दगी भर के लिए दोनों को अलग हो जाना पड़ता है.
मंगल खराब होने के क्या लक्षण हैं?
ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और भूमि का कारक माना जाता है। कुंडली में मंगल के कमजोर या खराब होने पर व्यक्ति में साहस की कमी, आत्मविश्वास में गिरावट, लगातार कर्ज, रक्त संबंधी समस्याएं, और जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद जैसी समस्याएं होने लगती हैं。
खराब मंगल के प्रमुख लक्षण:--
क्रोध और आक्रामकता: --छोटी-छोटी बातों पर बहुत जल्दी गुस्सा आना, चिड़चिड़ापन होना और बिना सोचे-समझे आक्रामक निर्णय लेना, कभी-कभी इतना क्रोध आना कि हम नहीं कि तुम नहीं वाली स्थिति पैदा होना.
आत्मविश्वास में कमी:--ऊर्जा और पहल करने की शक्ति का अभाव। काम को बीच में ही अधूरा छोड़ देना और अत्यधिक आलस्य आना.
कर्ज और धनहानि:-- बार-बार कर्ज लेना और एक कर्ज चुकाने के लिए दूसरा कर्ज लेना। आर्थिक तंगी का बने रहना.
वाद-विवाद और मुकदमेबाजी: --भाइयों के साथ संबंधों में खटास आना, जमीन-जायदाद से जुड़े विवादों में फंसना और कोर्ट-कचहरी के मामलों का सामना करना。
शारीरिक समस्याएं: ---रक्तचाप, ब्लड प्रेशर की समस्या की समस्या, खून की कमी, त्वचा रोग, या बार-बार चोट लगना और सर्जरी की नौबत आना。
वैवाहिक जीवन में तनाव:-- यदि मंगल विवाह के भाव (मांगलिक दोष) को प्रभावित करे, तो जीवनसाथी के साथ बेवजह के झगड़े और अलगाव की स्थिति पैदा होना。
*मंगल हौसला और लड़ाई का प्रतीक है। यदि व्यक्ति डरपोक है तो मंगल खराब है,बहुत ज्यादा अशुभ हो तो बड़े भाई के नहीं होने की संभावना प्रबल मानी गई है।भाई हो तो उनसे दुश्मनी होती है। बच्चे पैदा करने में अड़चनें आती हैं, पैदा होते ही उनकी मौत हो जाती है।*व्यक्ति हर समय झगड़ता रहता है।* थाने या जेल में रातें गुजारना पड़ती हैं।
खराब मंगल से होने वाली बीमारियां :--
धन की समस्या, अत्यधिक कर्ज हो जाना, बवासीर खून से संबंधित रोग, ब्लड कैंसर, * नेत्र रोग, * उच्च रक्तचाप, * वात रोग, * गठिया रोग, * फोड़े-फुंसी होते हैं, * जख्मी या चोट,* बार-बार बुखार आता रहता है,* शरीर में कंपन होता रहता है, * गुर्दे में पथरी हो जाती है, * आदमी की शारीरिक ताकत कम हो जाती है, * एक आंख से दिखना बंद हो सकता है, * शरीर के जोड़ काम नहीं करते हैं, * मंगल से रक्त संबंधी बीमारी होती है। रक्त की कमी या अशुद्धि हो जाती है, * बच्चे पैदा करने में तकलीफ। हो भी जाते हैं तो, बच्चे जन्म होकर मर जाते हैं।
***खराब मंगल के शांति उपाय:--
मंगल ग्रह के बुरे प्रभाव से बचने के उपाय :-*
**मंगल की दिशा दक्षिण मानी गई है। दक्षिण दिशा में द्वार से दोगुनी दूरी पर एक नीम का पेड़ लगाएं।
**नीम की दातुन करते रहने से शनि और मंगल के दोष दूर होते हैं। नीम की दातून करने से और भी कई ज्योतिष लाभ मिलते हैं, **आंखों में सफेद सुरमा लगाएं। सफेद सुरमा नहीं मिले तो काला सूरमा लगाएं, ** घर से बाहर निकलते समय गुड़ खाना चाहिए। गुड़ खाएं और खिलाएं।
** यदि आपको मंगल दोष है तो उज्जैन मंगलनाथ पर भात पूजा कराएं और अविवाहित हैं तो कुंभ विवाह करें, भाई सौतेला हो या सगा उससे अच्छे संबंध रखें।
*** हनुमानजी की नित्य पूजा करें या हनुमान चालीसा पढें, एक सफेद ध्वज हनुमान मंदिर या किसी पीपल के वृक्ष पर लगाएं, मंगलवार के दिन गेहूं, गुड़, तांबा, मसूर, मूंगा, लाल वस्त्र, लाल फल, लाल फूल, लाल चंदन और लाल रंग की मिठाई आदि मंदिर में अर्पित करें।
*** विशेष उपाय शमशान भूमि स्थित दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर में नियमित रूप से दीप प्रज्वलित करना, और उड़द के प्रतिदिन के हिसाब से गिरकर दानें चढाने से मंगल शांत हो जाता है. यह बड़ा ही अचूक उपाय है.
(इसकी विधि विस्तार से पूछ सकते हैं)
मंगल के मंत्र ::--
°°. हनुमान मंत्र- ॐ हनुमते नम:।
°° मंगल ग्रह का पौराणिक प्रार्थना मंत्र-
'ॐ धरणीगर्भसंभूतं विद्युतकान्तिसमप्रभम। कुमारं शक्तिहस्तं तं मंगलं प्रणमाम्यहम।। '
*** मंगल ग्रह का जप मंत्र- 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं स: भौमाय नम:'
*** मंगल ग्रह का वैदिक मंत्र- ॐ अग्निमूर्धा दिव: ककुत्पति: पृथिव्या अय्यम्। अपां रेतां सि जिन्वति।।
** मंगल ग्रह का तांत्रिक मंत्र : ॐ अंगारकाय नम:।
**°मंगल ग्रह का गायत्री मंत्र : ॐ अंगारकाय विद्यहे शक्तिहस्ताय धीमहि, तन्नो भौम: प्रचोदयात्.
*** मंगल ग्रह का पूजा मंत्र : ॐ भोम भोमाय नम:।
1- मांगलिक दोष की शांति के लिए मंगल ग्रह को शांत करने के लिए भगवान श्री मंगलनाथ जी या फिर भगवान अंगारेश्वर की विशेष भात पूजा करने से मंगल दोष से प्रभावित लोगों को शीघ्र ही लाभ मिलने लगता हैं ।
2- अगर विवाह के बाद पता चले की आपके जीवनसाथी की कुंडली में मांगलिक दोष है और जिसके कारण आपके सुखी वैवाहिक जीवन में परेशानियां आ रही हो तो प्रति मंगलवार के दिन किसी प्राचीन शिवालय में जाकर शिवलिंग पर सवा किलो लाल मसूर की दाल चढ़ाएं ।
मंगल की पूजा शिवलिंग के रूप में की जाती है और मसूर की दाल मंगल ग्रह का अन्न है । इसलिए विवाह से संबंधित परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव के साथ माता पार्वती की विशेष आराधना उपासना करने से मंगल दोष खत्म हो.
जाते और टूटने की कगार पर खड़े पति - पत्नी दोनों को ही ये उपाय करना चाहिए । मांगलिक व्यक्ति मंगल का रत्न मूंगा धारण करने से मंगल ग्रह के सभी दोष दूर होते हैं और जीवन सुखमय बन जाता हैं.
अपनी जन्म कुंडली दिखाएं और जीवन में चल रही है समस्याओं से छुटकारा पाएं हमारा व्हाट्सएप नंबर 9458064249 आपकी सेवा में उपलब्ध है.
अनिल सुधांशु
ज्योतिषाचार्य
°°° नीम करोली आश्रम, कैची धाम, नैनीताल (उत्तरांचल)
••• बाबा बालक नाथ मंदिर किला बरेली (उत्तर प्रदेश)
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