चंद्र कवच का नियमित पाठ करने से धन संबंधी सभी प्रकार की समस्या है खत्म हो जाती हैं।
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चन्द्र कवच का पाठ करने के लाभ, मानसिक शांति के साथ-साथ धन संबंधी बढ़ाएं दूर होगी मिलेगा लक्ष्मी जी का आशीर्वाद।
चंद्रमा मन का कारक ग्रह है, इसका पाठ डिप्रेशन, चिंता, तनाव और अनिद्रा जैसी मानसिक समस्याओं को दूर करता है। यह क्रोध और आवेग को नियंत्रित करने में भी सहायक है, जिनकी कुंडली में चंद्र कमजोर, नीच राशि में, राहु-केतु से पीड़ित या शनि के प्रभाव में हो, उन्हें इस पाठ से राहत मिलती है। चंद्रमा की महादशा, अंतर्दशा और ढैया के दुष्प्रभाव भी कम होते हैं, जिनके वैवाहिक जीवन में समस्याएं हैं या परिवार में अशांति है, उनके लिए चंद्र कवच अत्यंत लाभकारी है। पति-पत्नी के रिश्तों में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है। भावनात्मक संतुलन और धैर्य, यह कवच अत्यधिक भावुकता, मूड स्विंग्स और अकारण भय को दूर करता है। मन को संयमित और धैर्यवान बनाता है।
*** चंद्रमा से जुड़े व्यवसायों में सफलता, जिनका व्यवसाय जल, दूध, औषधि, आभूषण, चांदी, वस्त्र, कला, संगीत या फिल्म उद्योग से जुड़ा हो, उनके लिए चंद्र कवच अत्यधिक शुभ होता है। यह विद्या, ज्ञान और स्मरण शक्ति को भी बढ़ाता है, यात्राओं में सुरक्षा और सफलता, यात्रा करते समय यदि कोई भय हो तो चंद्र कवच पाठ करने से सुरक्षित यात्रा होती है। यह विदेश यात्रा, समुद्री यात्रा और जल मार्ग की यात्रा में विशेष रूप से सहायक होता है।
आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि, यदि व्यक्ति धन की कमी, अस्थिर आय या आर्थिक असुरक्षा से परेशान है, तो यह कवच धन को आकर्षित करता है। जीवन में स्थिरता लाकर आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाता है।
कुंडली में कालसर्प दोष और पितृ दोष से मुक्ति, यदि चंद्र राहु-केतु से ग्रस्त हो तो कालसर्प दोष उत्पन्न होता है, जिससे अनेक परेशानियां आती हैं। चंद्र कवच इस दोष के प्रभाव को कम करने में सहायक होता है।
विद्यार्थियों और विद्वानों के लिए लाभकारी, यह विद्यार्थियों की याददाश्त, एकाग्रता और रचनात्मकता को बढ़ाता है। परीक्षा में सफलता और बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत उपयोगी है।
जल संबंधी रोगों और स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति
चंद्रमा जल तत्व का स्वामी है, इसलिए यह सर्दी-जुकाम, कफ दोष, हड्डियों की कमजोरी, त्वचा रोग और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों को ठीक करने में सहायक होता है। शरीर को ऊर्जा, ताजगी और सकारात्मकता से भरता है।
चंद्र कवच का अर्थ है, चंद्रमा की सुरक्षा के लिए प्रार्थना, जिसमें चंद्रमा से शरीर के हर अंग की रक्षा करने का आग्रह किया जाता है। यह एक ऐसा स्तोत्र है जिसका पाठ करने से मानसिक शांति और भावनात्मक स्थिरता मिलती है। कवच का अर्थ है 'रक्षा करने वाला आवरण' या 'बख़्तर', और इसका उद्देश्य चंद्र देव से नकारात्मक प्रभावों से बचाव और विजय की प्रार्थना करना है।
चंद्र कवच :---
श्रीचंद्रकवचस्तोत्रमंत्रस्य गौतम ऋषिः । अनुष्टुप् छंदः।
चंद्रो देवता । चन्द्रप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः ।
समं चतुर्भुजं वन्दे केयूरमुकुटोज्ज्वलम् ।
वासुदेवस्य नयनं शंकरस्य च भूषणम् ॥ १ ॥
एवं ध्यात्वा जपेन्नित्यं शशिनः कवचं शुभम् ।
शशी पातु शिरोदेशं भालं पातु कलानिधिः ॥ २ ॥
चक्षुषी चन्द्रमाः पातु श्रुती पातु निशापतिः ।
प्राणं क्षपाकरः पातु मुखं कुमुदबांधवः ॥ ३ ॥
पातु कण्ठं च मे सोमः स्कंधौ जैवा तृकस्तथा ।
करौ सुधाकरः पातु वक्षः पातु निशाकरः ॥ ४ ॥
हृदयं पातु मे चंद्रो नाभिं शंकरभूषणः ।
मध्यं पातु सुरश्रेष्ठः कटिं पातु सुधाकरः ॥ ५ ॥
ऊरू तारापतिः पातु मृगांको जानुनी सदा ।
अब्धिजः पातु मे जंघे पातु पादौ विधुः सदा ॥ ६ ॥
सर्वाण्यन्यानि चांगानि पातु चन्द्रोSखिलं वपुः ।
एतद्धि कवचं दिव्यं भुक्ति मुक्ति प्रदायकम् ॥
यः पठेच्छरुणुयाद्वापि सर्वत्र विजयी भवेत् ॥ ७ ॥
॥ इति श्रीब्रह्मयामले चंद्रकवचं संपूर्णम् ॥
चंद्र देव का शक्तिशाली मंत्र क्या है?
चंद्र बीज मंत्र यह चंद्र के आशीर्वाद का आह्वान करने के लिए एक छोटा लेकिन शक्तिशाली मंत्र है। " ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्राय नमः॥" "ॐ श्रां श्रीं श्रौं सह चंद्राय नमः॥" लाभ: मानसिक स्पष्टता और शांति बढ़ाता है तनाव, चिंता और भावनात्मक अस्थिरता को कम करता है चंद्रमा से संबंधित ज्योतिषीय दोषों में मदद करता है।
जानिए कमजोर चंद्रमा के लक्षण और उसको ठीक करने के उपाय।
कमजोर चंद्रमा के लक्षण हिंदू मान्यता के अनुसार यदि किसी जातक की कुंडली में चंद्र दोष होता है, उसके अपनी मां के साथ संबंध अच्छे नहीं होते हैं और वह हर समय मन से परेशान रहता है. उसे अनिद्रा और मानसिक थकान की शिकायत बनी रह, रिश्तों में दूरी लाता है कुंडली में कमजोर चंद्रमा, यहां, कमजोर चंद्रमा के प्रमुख लक्षण यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में चंद्रमा निर्बल हो, तो उसके व्यवहार और जीवनशैली में कुछ स्पष्ट लक्षण नजर आते हैं। भविष्य को लेकर बार-बार डर और असफलता की आशंका। निर्णय लेने में दुविधा और असमंजस।
कमजोर चंद्रमा के संकेत, जिन लोगों को बैठकर पैर हिलाने की आदत होती है, उनका चंद्रमा कमजोर हो सकता है. पैर हिलाने की आदत सुधारनी चाहिए, जो लोग अपने माता-पिता के पैर नहीं छूते हैं।
*** अगर मेरी चंद्र राशि कमजोर हो तो क्या होगा?
— कुंडली में कमजोर चंद्रमा के लक्षण ... भावनात्मक असंतुलन: मनोदशा में उतार-चढ़ाव, क्रोध और बेचैनी। आत्मविश्वास की कमी, निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है और व्यक्ति हतोत्साहित महसूस करता है। अत्यधिक सोचना, चैन से नींद आना, देर रात तक जागना, पैसे की अत्यधिक समस्या, पास में धन का संचय ना होना, आमदनी से ज्यादा खर्च, कई बार कर्ज की स्थिति बढ़ जाना, आत्महत्या जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाना, पैतृक संपत्ति का ना मिलना, निर्णय लेने की स्थिति कमजोर होना, अज्ञात भय आदि समस्याएं होती हैं
— कुण्डली मै चंद्रमा कमजोर कब होता है, कुंडली में चंद्रमा नीच का होता है तो, व्यक्ति को मानसिक अशांति या मानसिक रोग हो सकता है -कमजोर चंद्रमा छोटी-छोटी बात पर परेशान कर सकता है. -ऐसे जातक अक्सर सर्दी जुकाम से पीड़ित रहते हैं.
चंद्र देव को कैसे प्रसन्न करें?
प्रतिदिन चंद्र का बीज मंत्र 108 बार जपें: “ॐ सोम सोमाय नमः” प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव के मंदिर में जाकर शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं। सोमवार को किसी ब्राह्मण को चावल, अनाज, सफेद कपड़ा और चांदी दान करें। पूर्णिमा और सोमवार को जरूरतमंदों को दूध या खीर दान करें। चांदी धारण करें, श्मशान घाट का अभिमंत्रित पानी किसी कांच की शीशी में भरकर घर के अंदर रखें, रात में चंद्र देवता की कपूर से आरती करें, चंद्र मंत्रो का जाप करें।
चन्द्रमा के मंत्र -
* ॐ सों सोमाय नम:।
चंद्रमा गायत्री मंत्र -
* ॐ भूर्भुव: स्व: अमृतांगाय विदमहे कलारूपाय धीमहि तन्नो सोमो प्रचोदयात्।
चंद्रमा का पौराणिक मंत्र -
* दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णव सम्भवम ।
नमामि शशिनं सोमं शंभोर्मुकुट भूषणं ।।
चन्द्रमा के तांत्रोक्त मंत्र –
* ॐ श्रां श्रीं श्रौं स: चन्द्रमसे नम:।
* ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम:।
* ॐ श्रीं श्रीं चन्द्रमसे नम: ।
चन्द्रमा का वैदिक मंत्र -
* ॐ इमं देवा असपत्नं ग्वं सुवध्यं।
महते क्षत्राय महते ज्यैश्ठाय महते जानराज्यायेन्दस्येन्द्रियाय इमममुध्य पुत्रममुध्यै
पुत्रमस्यै विश वोsमी राज: सोमोsस्माकं ब्राह्माणाना ग्वं राजा।
फलश्रुति: --यह दिव्य कवच भक्ति और मोक्ष प्रदान करने वाला है,जो इसे पढ़ता या सुनता है, वह सभी में विजयी होता है।
#अपनी जन्म कुंडली दिखाएं और जीवन में चल रही समस्याओं से छुटकारा पाएं, हमारा व्हाट्सएप नंबर 9458064249 आपकी सेवा मेंउपलब्ध है।
अनिल सुधांशु
ज्योतिषाचार्य 94580 64249
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