शेयर मार्केट और राजनीति में उम्मीद से ज्यादा सफलता देता है राहु देवता की साधना।

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शेयर मार्केट और राजनीति में सफलता प्राप्त करने के लिए की साधना कीजिए,राहु यंत्र की साधना जीवन में तरक्की और उन्नति के नए रास्ते दिखाती हैं।

राहु यंत्र साधना कुंडली में राहु के अशुभ प्रभावों (जैसे कालसर्प दोष, भ्रम, अचानक आर्थिक नुकसान) को कम कर, सुख-समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य, और करियर में सफलता (विशेषकर राजनीति, रिसर्च) प्रदान करती है। यह यंत्र मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास और शत्रुओं पर विजय दिलाने में अत्यधिक प्रभावी माना जाता है। 

राहु यंत्र साधना के मुख्य लाभ:--

आर्थिक स्थिरता और सफलता: --राहु यंत्र अचानक आने वाली रुकावटों को दूर करता है और व्यापार में अप्रत्याशित सफलता व धन लाभ में मदद करता है, यह बुरी नजर, छिपे शत्रुओं और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा कवच का काम करता है, साथ ही मानसिक तनाव व भ्रम को कम करता है, यह यंत्र राजनीति, अनुसंधान, तकनीक और वकालत जैसे क्षेत्रों में प्रभाव और नाम कमाने में सहायक है, स्वास्थ्य सुधार, त्वचा रोगों, मानसिक तनाव और नशे की लत से राहत दिलाने में यह कारगर माना जाता है।

 कालसर्प दोष का निवारण:-- कुंडली में राहु के कारण होने वाले कालसर्प या पितृदोष के अशुभ परिणामों को यह कम करता है।आध्यात्मिक और मानसिक स्थिरता: --यह यंत्र मन को शांत करता है, निर्णय लेने की क्षमता में सुधार करता है और आध्यात्मिक प्रगति में सहायक है। 

साधना विधि और सावधानी:--

राहु यंत्र को सिद्ध करने के लिए 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' या 'ॐ रां राहवे नमः' मंत्र का जाप करना चाहिए, इसे शनिवार के दिन राहु काल के दौरान स्थापित करना और इसकी पूजा करना अधिक फलदायी होता है।

राहु यंत्र कहां लगाना चाहिए?

खराब राहु से बचने के तरीके यदि कुंडली में राहु खराब है तो शनिवार का व्रत करें,अपने गले में रहू यंत्र धारण करें, इससे काफी फर्क पड़ेगा, राहु की दशा होने पर कुष्ट रोग से पीड़ित व्यक्ति की सहायता करनी चाहिए।

राहु कौन सी बीमारी देता है?

ज्योतिष के अनुसार, राहु से होने वाली बीमारियों में मानसिक तनाव, अनिद्रा, सिरदर्द, पाचन संबंधी समस्याएं (गैस, एसिडिटी, बवासीर), त्वचा रोग, बाल और नाखून की समस्याएं (जैसे बाल झड़ना, नाखून टूटना), नशे की लत, और अचानक आने वाली गंभीर बीमारियाँ (कैंसर, फेफड़ों के रोग, हड्डी के रोग) शामिल हैं, जो व्यक्ति के जीवन में अचानक और अप्रत्याशित रूप से आती हैं और जीवन को अस्थिर करती हैं, मानसिक तनाव, चिंता, भ्रम,अनिद्रा (नींद न आना) और बुरे सपने,सिरदर्द और कनपटी की नसों में दर्द, पागलपन या मानसिक अस्थिरता, एसिडिटी, गैस, पेट फूलना 
बवासीर,फूड पॉइजनिंग (विष जनित रोग) 

त्वचा और बाल:--त्वचा रोग, मुँहासे, खुजली,बाल झड़ना और नाखून टूटना,फेफड़ों के रोग (सांस लेने में तकलीफ) 
हड्डियों और जोड़ों के दर्द,आचानक चोट लगना, गिरने से संबंधित दुर्घटनाएँ, कैंसर (गंभीर मामलों में) नशे की आदतें।

राहु किस चीज से खुश होता है?

राहु को प्रसन्न करने के लिए भगवान शिव और दुर्गा की पूजा, मंत्र जाप (ॐ रां राहवे नमः), काले तिल, उड़द दाल, सरसों के तेल और नारियल जैसी चीजों का दान, कुत्तों और कौओं को भोजन कराना, ससुराल पक्ष से अच्छे संबंध रखना और फास्ट फूड से बचना जैसे उपाय किए जाते हैं, क्योंकि यह चीजें राहु के नकारात्मक प्रभावों को कम कर सकारात्मक फल देती हैं। 

राहु की महादशा में कैंसर सहित हो सकती हैं, ये घातक बीमारियां।

 राहु की महादशा के दौरान आपको सिरदर्द के साथ ही हड्डियों में दर्द की समस्या भी हो सकती है। * क्रूर ग्रह राहु की महादशा के कारण आप कर्क रोग यानि की कैंसर का शिकार भी हो सकते हैं, राहु से सम्बन्धित रोग और यौगिक उपाय विष जन्य रोग, कैसर, पेट में कीड़े, उचाई से गिरना, गैस प्रॉब्लम, कनपटी की नसों में दर्द, समय पूर्व ही सिर के बाल झड़ना, फेफड़े सिकुड़ने लगते हैं और तब सांस लेने में तकलीफ होना, हड्डियां कमजोर होने लगती हैं...

क्या है राहु दोष? 

वह अचानक ही अत्यधिक चिंता, अनिद्रा, डरावने सपने और मानसिक बेचैनी से ग्रस्त हो सकता है। कुछ मामलों में व्यक्ति नशे की आदतों में भी फंस सकता है। राहु दोष से ग्रस्त व्यक्ति का जीवन अस्थिर हो जाता है; वह एक स्थान पर टिक कर काम नहीं ...कर पाता है।
राहु यंत्र की पूजा कैसे की जाती है?

राहु यंत्र की पूजा कैसे करें। 

शुद्धता: सुबह स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। पूजा सामग्री: धूप, दीप, फूल और प्रसाद (ताजे या सूखे फल) अर्पित करें। मंत्र जाप: राहु के बीज मंत्र “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” का 11, 51 या 108 बार जाप करें। शुद्धिकरण: यंत्र पर गंगाजल छिड़कें और राहु से शुभ फल की प्रार्थना करें।

राहु आपको कैसे आशीर्वाद देता है?

जब राहु कुंडली में मजबूत और अच्छी स्थिति में होता है, तो यह शक्ति, प्रसिद्धि, धन और बड़े अवसर प्रदान करता है। राजनीति, सिनेमा या बड़े उद्योगों से जुड़े कई प्रसिद्ध लोगों की कुंडली में राहु अक्सर मजबूत स्थिति में होता है।

राहु से धन प्राप्ति के क्या उपाय हैं?

राहु ग्रह के बीज मंत्र, वैदिक मंत्र और एकाक्षरी मंत्र का जाप शनिवार के दिन करने पर विशेष लाभ की प्राप्ति होती है, इन मंत्रों का जाप 1008 बार करने पर राहु ग्रह मालामाल कर देते हैं, दूसरा उपाय: --- शनिवार के दिन लोहे की वस्तु घर की पूर्व दिशा में रखने पर राहु ग्रह प्रसन्न होकर धन के भंडार भर देते हैं।

राहु के लिए क्या पहनें?

राहु को सफेद वस्त्र पहनना पसंद है, राहु को प्रसन्न करने के लिए सफेद शर्ट का इस्तेमाल कीजिए, राहु प्रसन्न रहेगा, राहु को इत्र से बड़ी मोहब्बत है, थोड़ा इत्र लगाया कीजिए, राहु प्रसन्न रहेगा।

राहु के लिए कौन सी जड़ी-बूटियां अच्छी हैं?

राहु एक अशुभ ग्रह है,आपकी कुंडली में कमजोर राहु के लिए बेर, नीलगिरी और कपूर सर्वोत्तम पौधे हैं। कमल और चंदन जैसी सुगंधित जड़ी-बूटियाँ भी राहु के लिए लाभकारी हैं। वहीं, कैलमस या वाच कमजोर राहु के लिए सर्वोत्तम जड़ी-बूटी है।

राहु का शुभ अंक कौन सा है?

अंक ज्योतिष के अनुसार, मूलांक 4 पर राहु का प्रभाव सबसे गहरा माना जाता है, इस मूलांक का सीधा संबंध राहु से होता है, इसलिए इसकी ऊर्जा तेजी से इनके जीवन में काम करती है।

#अपनी जन्म कुंडली दिखाएं और जीवन में चल रही समस्याओं से छुटकारा पाएं, हमारा व्हाट्सएप नंबर 9458064249 आपकी सेवा में उपलब्ध है।

अनिल सुधांशु 
ज्योतिषाचार्य 
नीम करौली आश्रम कैंची धाम नैनीताल (उत्तरांचल)

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