ज्योतिष में चांडल योग को सबसे ज्यादा विनाशकारी और कष्टकारी माना जाता है।

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ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में चांडाल योग को बहुत विनाशकारी योग माना जाता है।

कुंडली में गुरु और राहू के मिलन से गुरु चांडाल योग का निर्माण होता है, इस योग के बनने से व्यक्ति को शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रुप से परेशानियों का सामना करना पड़ता है,अगर किसी की कुंडली में चांडाल योग बन रहा है तो,जातक को जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है, साथ ही इस योग के बनने से जातक के मान-सम्मान में कमी आती है, धन की समस्या रहे हो जाती है, व्यक्ति गलत रास्ते की ओर मुड़ जाता है, बनते हुए काम बिगड़ने लगते हैं, पूजा पाठ में मन नहीं लगता, जीवन में समस्या नहीं समस्या आने लगते हैं।

चांडाल योग के बनने से जीवन पर क्या असर पड़ता है?

अगर किसी जातक की कुंडली में गुरु और राहु एक साथ होते हैं तो, चांडाल योग के बनने से आपके चारित्र पर दाग लग सकते हैं, अगर आप शादीशुदा हैं और आपकी कुंडली में गुरु चांडाल योग का निर्माण हो रहा है तो, आपको दांपत्य जीवन में कलह का सामना करना पड़ता है, पति पत्नी के बीच दूरी बढ़ जाती है, कई बार तलाक तक का नंबर आ जाता है।

कुंडली में गुरु चाडांल योग के बनने से जातक को अपनी नौकरी या व्यापार से हाथ धोना पड़ता है,गुरु चांडाल योग के बनने से आपका पैसा पानी की तरह खर्च होता है,इस दोष के बनने से करियर और जॉब में समय-समय पर बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है, गुरु चांडांल बनने  से लोग हठी हो जाते हैं और जिद्दी भी बन जाते हैं, जिस वजह से वो लोग सभी के साथ मिलकर काम नहीं कर पाते और एक साथ नहीं चल पाते, घर परिवार की एकता भंग हो जाती है।

बृहस्पति (गुरु) से होने वाले रोग। 

 बृहस्पति (गुरु) के कमजोर या पीड़ित होने से मुख्य रूप से पेट, लीवर, चर्बी और वजन से संबंधित भयंकर बीमारियां होती हैं। प्रमुख रोगों में मोटापा, डायबिटीज (मधुमेह), पीलिया, कैंसर, ट्यूमर, गठिया, जोड़ों का दर्द, कब्ज, एसिडिटी, हर्निया और कान या सांस संबंधी समस्याएं शामिल हैं। यह मोटापा और चर्बी को अनियंत्रित रूप से बढ़ा सकता है। 

पेट और पाचन विकार:--  कमजोर गुरु पाचन तंत्र को खराब करता है, जिससे कब्ज, एसिडिटी, पेट दर्द और मंदाग्नि जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
लीवर और पित्त के रोग: --हेपेटाइटिस, पीलिया (यकृत विकार) और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां गुरु के कुपित होने से हो सकती हैं।
वजन का बढ़ना: --मोटापा, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, चर्बी का असंतुलन और मधुमेह (डायबिटीज) का कारण भी गुरु का कमजोर होना माना जाता है।
हड्डियों और जोड़ों के रोग:-- गठिया, जोड़ों में दर्द, रीढ़ की हड्डी में दर्द और कमजोरी।
गंभीर बीमारियां:-- कैंसर, ट्यूमर, फेफड़ों की समस्या और मज्जा दोष,कान और वाणी:-- कान से संबंधित रोग, गले के विकार और वाणी संबंधी दोष,अन्य शारीरिक समस्याएं:-- शरीर में सूजन, सूजन, हर्निया, बेहोशी और याददाशत में कमी। 

बृहस्पति को मजबूत करने के उपाय:--

गुरुवार के दिन व्रत रखें। पीले रंग की वस्तुओं का दान करें, जैसे चने की दाल, हल्दी, या पीले वस्त्र,बड़ों का सम्मान करें और विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
गऊ (गाय) के लिए हरा चारा या गुड़ डालें। 

राहू से होने वाले रोग:--

राहु दोष से मानसिक भ्रम, अवसाद, त्वचा रोग, कैंसर, बवासीर, पेट की बीमारियां, सांस लेने में तकलीफ और जोड़ों का दर्द जैसे रोग हो सकते हैं। इसके उपाय में सात्विक जीवन शैली, प्रतिदिन तुलसी के पत्ते खाना, शौचालय को साफ रखना, बहते जल में चांदी प्रवाहित करना और कुत्तों को भोजन कराना प्रमुख है। 

राहु से होने वाले प्रमुख रोग:--

मानसिक व शारीरिक: भ्रम, डिप्रेशन, पागलपन, कैंसर, टीबी, अल्सर और अज्ञात बीमारियां जिनका इलाज न मिले, पेट संबंधी: गैस, बवासीर, पेट के कीड़े, अपच, फूड पॉइजनिंग।अन्य: जोड़ों का दर्द, हड्डियों की कमजोरी, बालों का झड़ना। 

राहु के ज्योतिषीय और व्यावहारिक उपाय:--

दैनिक जीवन: मांसाहार और शराब से दूर रहें, सात्विक भोजन करें, और अपने आसपास स्वच्छता व सुगंध (इत्र) बनाए रखें,दान: शनिवार को काला कंबल, तिल, या गर्म कपड़े जरूरतमंदों को दान करें,पूजा: भगवान शिव या भैरव की आराधना करें, प्रतिदिन 'ॐ रां राहवे नमः' मंत्र का जाप करें।

उपाय:-- शनिवार को काले कुत्ते को रोटी खिलाएं या बहते जल में चांदी का टुकड़ा या खाली घड़ा प्रवाहित करें, घर की छत को साफ रखें और बिजली के उपकरण ठीक रखें, साथ ही अपाहिज या रोगी लोगों की सेवा करें। 

गुरु चांडाल योग (गुरु+राहु/केतु युति) को शांत करने के लिए मुख्य रूप से बृहस्पति और राहु के मंत्रों का जाप किया जाता है।
 "ॐ बृं बृहस्पतये राहवे च नमः" और “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” या “ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः” जैसे मंत्र अत्यंत प्रभावी हैं।
 गुरुवार को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ, हल्दी-गुड़ का दान, और गाय की सेवा करने से इस दोष के नकारात्मक प्रभाव कम होते हैं।

#अपनी जन्म कुंडली दिखाएं और जीवन में चल रही समस्याओं से छुटकारा पाएं, हमारा व्हाट्सएप नंबर ना इनको 58064249 आपकी सेवा में उपलब्ध है। 

अनिल सुधांशु 
ज्योतिषाचार्य 
नीम करौली आश्रम कैंची धाम नैनीताल (उत्तरांचल)

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