बुध देवता की कृपा से बच्चे पढ़ने में बहुत तेज होते हैं और नौकरी व्यापार में खूब सफलता मिलती है.
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बुध देवता का जीवन पर प्रभाव. बुध देवता की कृपा से बच्चे पढ़ने लिखने में बहुत तेज होते हैं, बुद्धिमान होते हैं. कहते हैं जिसका बुध सही है तो उसका सबकुछ सही है.
बुध ग्रह/ देवता को बुद्धि का कारक माना जाता है, यदि बुद्ध देवता आपकी जन्म कुंडली में शुभ है तो, आपको शिक्षा के क्षेत्र में, व्यापार के क्षेत्र में, बच्चे पढ़ने लिखने में बहुत तेज होते हैं. सब लोग उसकी बुद्धि का लोहा मानते हैं, यदि बुध अनिष्ट भाव में बैठे हैं तो ऐसे बच्चे पढ़ने लिखने में बेहद कमजोर और कई बार अनपढ़ रह जाते हैं, जिनकी जन्म कुंडली वह बुद्धदेवता कमजोर होते हैं, उसे व्यापार और नौकरी में सफलता नहीं मिलती, जीवन में व्यर्थ का भटकाव और पैसे की बर्बादी होती है.
वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार का कारक माना गया है, मजबूत बुध व्यक्ति को उत्कृष्ट वक्ता, सफल व्यापारी और तार्किक बनाता है, इसके विपरीत कमजोर बुध से निर्णय लेने में परेशानी, व्यापार में नुकसान और त्वचा संबंधी रोग होते हैं.
बुध का जीवन पर प्रभाव:--
सकारात्मक प्रभाव:-- यदि कुंडली में बुध शुभ है तो, व्यक्ति की वाकपटुता, होशयारी (कम्युनिकेशन स्किल) बेहतरीन होती है। उसे शिक्षा, बैंकिंग, मीडिया और व्यापार में अपार सफलता मिलती है。
नकारात्मक प्रभाव: --कमजोर या पीड़ित बुध होने पर व्यक्ति को अपनी बात स्पष्ट रूप से रखने में कठिनाई होती है, आत्मविश्वास में कमी आती है, और धन की बचत नहीं हो पाती है.
बुध ग्रह की अस्त या दहन अवस्था के प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर कई तरह से पड़ सकते हैं। आइए इन प्रभावों को विस्तार से समझने की कोशिश करते हैं:
बुध ग्रह की अस्त अवस्था के प्रभाव:--
बुध ग्रह की अस्त अवस्था व्यक्ति के जीवन में कई समस्याएं पैदा कर सकती है, जिनमें से कुछ प्रमुख प्रभाव निम्नलिखित हैं:
संचार संबंधी समस्याएं:--
- *स्पष्ट बोलने में कठिनाई*: व्यक्ति को अपने विचारों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में परेशानी होती है।
- *बोलने के बाद पछतावा*: व्यक्ति को अपने द्वारा कहे गए शब्दों पर पछतावा होता है।
- *चीजें भूल जाना*: व्यक्ति को दूसरों को बताई गई बातें भूल जाने की समस्या हो सकती है।
- *मस्तिष्क की अस्थिरता*: व्यक्ति का मस्तिष्क अस्थिर हो सकता है और उसे एकाग्रता में परेशानी हो सकती है।
मानसिक और शारीरिक समस्याएं:--
- *स्मृति कमजोर होना*: व्यक्ति की स्मृति कमजोर हो सकती है।
- *मानसिक तनाव और चिंता*: व्यक्ति को मानसिक तनाव, चिंता और अधिक सोचने की समस्या हो सकती है।
- *शारीरिक कमजोरी*: व्यक्ति का शरीर कमजोर, थका हुआ और आलसी महसूस कर सकता है।
- *प्रतिक्रिया समय धीमा होना*: व्यक्ति की प्रतिक्रिया समय धीमा हो सकता है, जैसे कि, वाहन चलाते समय।
शिक्षा और कार्य संबंधी समस्याएं:--
- *ज्ञान का प्रयोग न कर पाना*: व्यक्ति ज्ञान प्राप्त कर सकता है लेकिन उसका प्रयोग करने में परेशानी हो सकती है।
- *विशेष सफलता न मिलना*: व्यक्ति शिक्षा में अच्छा हो सकता है लेकिन विशेष सफलता प्राप्त नहीं कर पाता है।
- *कठिन कार्यों में देरी*: व्यक्ति कठिन कार्यों या समस्याओं को टाल सकता है।
स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं:--
- *त्वचा और श्रवण संबंधी समस्याएं*: व्यक्ति को त्वचा और श्रवण संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
- *कमजोर प्रतिक्रिया*: व्यक्ति की प्रतिक्रिया कमजोर हो सकती है।
इन प्रभावों को कम करने के लिए व्यक्ति बुध ग्रह की शांति के लिए पूजा-पाठ, अनुष्ठान और अन्य उपाय कर सकता है।
बुध को मजबूत करने के अचूक उपाय:--
हरी चीजों का दान:-- बुधवार के दिन हरी मूंग की दाल, हरी सब्जियां, या पालक किसी मंदिर में दान करें.
मंत्र जाप: --प्रतिदिन या विशेष रूप से बुधवार को "ॐ बुं बुधाय नमः" मंत्र का 108 बार जाप करें.
पक्षी और गाय को चारा:-- पक्षियों (विशेषकर तोते) को भीगे हुए हरे मूंग खिलाएं, बुधवार को गाय को हरा चारा या पालक खिलाना भी अत्यंत शुभ होता है.
भगवान विष्णु की पूजा:-- बुद्धि और विद्या और धन सम्पत्ति कि, प्राप्ति के लिए नियमित रूप से 'विष्णु सहस्त्रनाम' का पाठ करें.
पन्ना धारण:-- ज्योतिषीय सलाह लेकर 'पन्ना' रत्न धारण करने से बुध को बल मिलता है.
लाल किताब के अनुसार बुध ग्रह का संबंध:--
लाल किताब के अनुसार बुध ग्रह का संबंध हरियाली, बुद्धि, खाली स्थान, मुहर, ठठेरा, नकल, नकलची, दलाल, सट्टेबाज़, हिजड़ा, ध्यानी, बहन, लड़की, साली, मौसी, नर्स, तोता, भेड़, बकरी, मेंढ़ा, चमगादढ़, मूंग, पन्ना, हरा रंग, ढाक, नाक, दांत, जबान, मुँह का स्वाद, बांस, शीशा, ढोलक, रेडियो, तबला, सारंगी, राग, कोरा काग़ज़, सितार, टोपी, नाड़ा, सूखी घास, सीढ़ी, हींग, शंख, सीप, कली, मटका, अंडा, प्याज़, लोटा, चेचक, पूँछ, चौड़े पत्ते वाले वृक्ष आदि से होता है।
लाल किताब के अनुसार बुध ग्रह के प्रभाव:--
सकारात्मक प्रभाव:- - बुध के सकारात्मक प्रभाव से जातक की संवाद शैली बहुत जबरदस्त होती है और वह बुद्धिमान होता है। जातक अपनी हाज़िर जवाबी से समाज में अपना प्रभाव छोड़ता है। बुध के सकारात्मक प्रभाव से व्यक्ति की तार्किक क्षमता तीव्र होती है तथा वह गणित विषय में भी अच्छा होता है।
नकारात्मक प्रभाव:-- - बुध के नकारात्मक प्रभाव से जातक को बोलने में परेशानी का सामना करना पडता है, तथा वह गणित विषय में कमज़ोर होता है और उसे गणना करने में परेशानी होती है। इसके साथ ही जातक की तार्किक क्षमता बहुत कमजोर होती है। पीड़ित बुध के प्रभाव से व्यक्ति को क़ारोबार में हानि होती है। व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता आती है।
शराब, मांस, अंडा से परहेज़ करें:--
रात को सिरहाने पानी रखकर उसे सुबह पीपल में चढ़ाएँ
भेड़, बकरी और तोता न पालें, मूंग दाल को रात में भिगोकर सुबह जानवरों को खिलाएँ, चावल या दूध मंदिर अथवा धार्मिक स्थल पर दान करें, कौवे को भोजन खिलाएँ.
** बुध (बुद्धि, व्यापार और वाणी) को मजबूत करने के लिए फिटकरी से दांत साफ करें.
कन्या पूजन:--- कन्याओं को हरे रंग के वस्त्र, रुमाल या चॉकलेट भेंट करें.
केसर का तिलक :-- प्रतिदिन माथे पर केसर का तिलक लगाएं। इससे मानसिक शांति मिलती है और बुद्धि मजबूत होती है।
चांदी का प्रयोग: --- वाणी और आत्मविश्वास को ठीक करने के लिए नाक छिदवाकर 43 या 96 दिनों तक चांदी पहनें.
नौकरी एवं व्यापार में लाभ के लिए:-- आर्थिक लाभ, कैरियर में सफलता और सभी विघ्न दूर करने के लिए बुधवार के दिन गणेश जी को 21 दूर्वा अर्पित करें, गाय को हरा चारा खिलाएं,और हरे मूंग या साबुत धनिया का दान करें。
बुधवार के चमत्कारी उपाय:--
गणेश पूजा और मंत्र: बुधवार की सुबह स्नान करने के बाद भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें और '
ॐ गं गणपतये नमः' या 'ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभा:' मंत्र का 108 बार जाप करें, और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें.
दूर्वा और मोदक का भोग:-- गणेश जी को 21 दूर्वा की गांठ और मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं, इससे बुद्धि तेज होती है और रुके हुए कार्य पूरे होते हैं。
*** बुध यंत्र स्थापित करें तथा यंत्र के रूप में गले में धारण करें.
घर के अंदर बुद्ध यंत्र पूरे विधि विधान से और मंत्रों से अभिमंत्रित एवं सिद्ध करके स्थापित करें, इससे बुध देवता की कृपा आपको प्राप्त होगी, और जीवन के हर क्षेत्र में तरक्की उन्नति होगी नए रास्ते खुलेंगे.
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अनिल सुधांशु
ज्योतिषाचार्य
°°° नीम करोली आश्रम, कैंची धाम, नैनीताल (उत्तरांचल)
°°° बाबा अलखनाथ मंदिर, किला, बरेली (उत्तर प्रदेश)
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