जन्म कुंडली में चंद्र कमजोर होने से धन की बहुत समस्या रहती है.
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कहीं धन कि, समस्या तो नहीं है, देखें आपकी जन्म कुंडली में चंद्र कमजोर तो नहीं है.
चन्द्रमा ग्रह कमजोर होने के चिंता फिकर ज्यादा रहती है, मानसिक स्थिति गड़बड़ा जाती है और सबसे ज्यादा पैसों की समस्या रहती है. आमदनी से ज्यादा खर्च होता है, पैसा बहुत आता है, लेकिन रूकता नहीं है, सर्दी से संबंधित रोगों की शिकायत रहती है, आदमी सही गलत का निर्णय नहीं ले पता है, बार-बार अपने निर्णय को बदलता है, मन स्थिर नहीं रहता, भ्रम की स्थिति बनी रहती है, एक ही चीज को कई - कई बार देखता है. और बातों को भूल जाता है. चंद्र कमजोर होने से जातक के ऊपर कर्ज हो जाता है,
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कई बार व्यक्ति चंद्र कमजोर होने के कारण आत्महत्या तक कर बैठता है.
चन्द्रमा जल तत्व वाला ग्रह है.
हमारा शरीर 70% जल से ही बना है ..
अतः यह मान लेवें, कि, चन्द्रमा अकेला ही कुंडली मे 70% की भागीदारी रखता है -अगर अपने अनुकूल स्थान पर हो, तथा बली भी, तो वह आदमी प्रत्येक सफलता प्राप्त करता है ...ओर अगर चन्द्रग्रह अनुकूल नही भी हो, तो भी विशेष उपायों द्वारा चन्द्र को बली एवं शुभफल देने वाला बनाया जा सकता है ...
सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि,
चन्द्रमा अगर कमजोर हुआ, तो हम क्या फील करेंगे ?
चन्द्रमा पुरूष के बाएं, तथा स्त्री के दाएं भाग को प्रभावित करता है । अगर आपका चन्द्रमा बलशाली है, तो आप मानसिक एवं शारीरिक रूप से स्वस्थ रहेंगे, दीर्घायु होंगे, धनवान होंगे ...!
अगर चन्द्रमा कमजोर हुआ ..तो,
●जीवन ऐसा प्रतीत होगा, की आप परिस्थितियों के आगे हार मान चुके है । व्यक्ति उत्साहहीन हो जाता है. कमजोर पड़ जाता है.
●ब्लडप्रेशर लो रहता है, तो समझ लेवें, चन्द्र की पीड़ा है ।
●अगर आपके लगातार कफ की शिकायत है, तो इसकी वजह चन्द्रमा का कमजोर होना भी हो सकता है ।
●मूत्रविकार से जुड़े रोग.
●पीलिया एवं वातरोग आदि.
ओर अगर चन्द्रमा ज़्यादा ही कमजोर हुआ, तो मानसिक रोग भी हो सकता है । आदमी हर समय चिड़चिड़ापन लिए, या तनाव लिए ही रहता है ...ओर अगर चन्द्र और मङ्गल दोनों कि, स्तिथि ही खराब है, तो सावधान हो जाएं, हार्टअटैक जैसी बीमारियां आपके लिए ही बनी है ...
ज्योतिष पर भरोषा करना जरूरी ..!
पागलपन की अधिकांश घटनाएँ आत्महत्याएँ आदि बुरे कर्म सभी पूर्णिमा के दिन अधिक हुए या होता है ,ऐसा अनेक भाषाओं में वर्णन है । मास की इकाई 30 दिन की का सम्बन्ध भी चन्द्रमा के भ्रमणकाल से होता है । मास का अर्थ चन्द्रमा ही होती है , जो कि चन्द्रमा की देन है । चन्द्र का मनुष्य पर प्रभाव हम यह पहले सिद्ध कर चुके हैं.
हमारे ज्योतिष में चन्द्रमा व सूर्य को विशेष स्थान प्राप्त है ।
आप यह जानते ही हैं कि ज्वार - भाटा लाने में चन्द्रमा व सूर्य का योगदान 9 : 4 अनुपात है अर्थात् यदि समुद्र में 9 प्रतिशत चन्द्रमा के अनुसार ज्वार - भाटा उठता है तो 4 प्रतिशत सूर्य के अनुसार उठता है.
सूर्य व चन्द्र के कारण कुल 13 प्रतिशत ज्वार - भाटा आता है. अब आप सोचें - कहाँ तो समुद्र , कहाँ सूर्य व चन्द्रमा , एक - दूसरे से कितने दूर हैं फिर भी ये पृथ्वी और समुद्र पर कितना प्रभाव डालते हैं,आपको यह भी ज्ञात होगा कि, पूर्णिमा के दिन समुद्र पूर्णरूपेण उफान मारता है । इसका मुख्य कारण चन्द्रमा है । इसी के प्रभाव पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा पानी को अपनी ओर आकर्षित करता है.
मनुष्य के अन्दर भी 90 प्रतिशत पानी होता है तो, पूर्णिमा के दिन मनुष्य भी चन्द्रमा आन्दोलित होता है ।
हमारे प्राचीन आयुर्वेद के आचार्य शल्य चिकित्सक श्री सुश्रुत के अनुसार भी किसी भी चिकित्सक को पूर्णिमा के दिन - शल्य , चिकित्सा नहीं करनी चाहिए ।
पहले वैज्ञानिकों ने इसे नहीं माना था, परन्तु आज खोजों के द्वारा यह सत्य सिद्ध हो चुका है । वैज्ञानिकों ने शोध किया व पाया कि, ऑपरेशन थियेटर्स में ऑपरेशन करते समय सबसे ज्यादा मृत्यु पूर्णिमा के दिन हुई । यह आँकड़ा 82 प्रतिशत रहा ...
कुल मिलाकर हम आपको यह कहना चाहते है, अगर आप अपना चन्द्र मजबूत करते है, तो यह मान लीजिये, आप अपनी सारी कुंडली ही सुधार लेते है। ओर अगर चन्द्र कमजोर है, तो सुख अधूरा सा लगता है ..जैसे अपार धन दौलत है, लेकिन माता या संतान का सुख नही, एक कमी हमेशा खटकती है । लेकिन अगर चन्द्र स्वस्थ है, तो व्यक्ति हजार कमियों के बीच भी खुश रहने का रास्ता निकाल लेता है । एक बच्चा जिस तरह हर हाल में खुश रह लेता है, हंस खेल लेता है, मजबूत चन्द्र वाले का व्यव्वहार ठीक उसी तरह होता है । आपके चेहरे की स्माइल कभी नही जाती ....
चेहरे की स्माइल से ज़्यादा कीमती ओर कुछ भी नही है, अगर आप अपने पुत्र पुत्री पत्नी, पति पिता भाई माता बहन बुआ मित्र आदि सभी के चेहरे पर स्माइल देखें, फिर और स्वर्ग है ही क्या ?
ओर आप केवल अपना चन्द्र मजबूत करके यह अद्भुत कारनामा कर सकते है, क्योंकि सक्षम व्यक्ति अपने मन को संतोष देने वाला प्रत्येक कार्य करने में सक्षम होता ही है । बस वैसा मजबूत मन मस्तिक चाहिए और वह मजबूत मन आपको चन्द्र से मिल जाएगा, शेष कार्य मन स्वयं पूरे कर लेगा ....
चन्द्रमजबूत करने के साधारण उपाय है ...
1 --- खूब पानी पिये, एवं गौ का दूध पिये ।
2 --- खूब दौड़ लगाएं, खूब पानी पीएं, और ज़्यादा से ज़्यादा दौड़ लगाएं , गौदुध पीने से ज़्यादा लाभकारी और कुछ भी नही है, चन्द्र मजबूत करने के लिए ।
3-- गन्ने का ज्यूस ज़्यादा से ज़्यादा पियें, या गुड़ खाएं ।
खानपान में आप इतना ख्याल कर लेंगे, तो चन्द्र कमजोर नही रहेगा, बिना मंत्रोच्चार ज़प आदि के ही काम चलाऊ स्थिती में आ जायेगा ...
अगर आपका मङ्गल मजबूत होगा, तो चन्द्र अपने आप ही मजबूत हो जाएगा, मङ्गल रक्त है, रक्त स्वस्थ तभी रहेगा, जब शरीर मे जल(चन्द्र) की मात्रा अच्छी रहेगी ...मङ्गल चन्द्र दोनों कमजोर हुए, तो एनीमिया ... खून सूख जाएगा, BP हार्ट की दिक्कत ... क्योंकि ह्रदय पानी और खून का लौथड़ा ही तो, है ...
मोती रत्न पहनने की सलाह में सबको दूंगा, आपको मोती अवश्य पहनना चाहिए, ज़्यादा महंगा नही होता, जितने का वह पड़ता है, उससे कहीं ज़्यादा वसूल करवा देता है, एक बूंद भी पानी व्यर्थ ना जाने दें , नदियों को गंदा ना करें, उनकी पूजा करें, श्रद्धा के साथ । चन्द्र बलशाली होगा, दूध से बनी मिठाई खूब खाएं, चन्द्र मजबूत होगा.
चंद्रमा को मजबूत करने के लिए क्या पहनें?
चंद्रमा को मजबूत करने के लिए चांदी कि, धातु धारण करें। आप चांदी का कड़ा, गले में चेन या छोटी उंगली में चांदी की अंगूठी पहन सकते हैं। इसके अलावा, ज्योतिषीय सलाह पर दाएं हाथ की छोटी उंगली में सफेद मोती या मूनस्टोन धारण करने से मानसिक शांति और एकाग्रता मिलती है。
सफेद वस्त्र और रुमाल: ---हमेशा अपने पास साफ सफेद रुमाल रखें और सोमवार के दिन सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है。
मंत्र जाप:-- मानसिक शांति और चंद्र देव की कृपा के लिए रोजाना "ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः" या "ॐ सोम सोमाय नमः" मंत्र का जाप करें。
माता का सम्मान:--* चंद्रमा को ज्योतिष में माता का कारक माना जाता है। अपनी माँ या माँ के समान स्त्रियों का सदैव सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें。
भगवान शिव की पूजा:-- कमजोर चंद्रमा को बेहतर करने के लिए नियमित रूप से शिवलिंग पर जल या कच्चा दूध चढ़ाएं。
दान करें:--- सोमवार के दिन जरूरतमंदों को दूध, चीनी, चावल या सफेद वस्त्रों का दान करें。
# अपनी जन्म कुंडली दिखाएं और जीवन में चल रही समस्याओं से छुटकारा पाएं, हमारा व्हाट्सएप नंबर 94580-64249 आपकी सेवा में उपलब्ध है.
अनिल सुधांशु
ज्योतिषाचार्य
*** नीम करोली आश्रम, कैंची धाम, नैनीताल (उत्तरांचल) °°°°°° बाबा अलखनाथ मंदिर, किला, बरेली, (उत्तर प्रदेश)
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