हनुमान यंत्र का तांत्रिक और चमत्कारिक प्रयोग का जीवन पर प्रभाव.
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🙏बाबा नीम करोली आश्रम, कैंची धाम, नैनीताल (उत्तरांचल)
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हनुमान जी के यंत्र की साधना बड़े से बड़े संकट से छुटकारा दिलाकर तरक्की उन्नति और धन संपत्ति और आध्यात्म के नए मार्ग खोलती है.
*** जब जीवन में किसी भी प्रकार से परेशानियों का अंत न हो तो, इन सबसे छुटकारा पाने का एकमात्र उपाय है, हनुमान यंत्र की पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ विधिवत स्थापना और पूजा.
हनुमान यंत्र :- भगवान हनुमान की असीम शक्ति, भक्ति और अद्वितीय संरक्षण का प्रतीक है। यह यंत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए प्रभावशाली है जो भय, शारीरिक कमजोरी, नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर, शत्रु बाधा या मानसिक अस्थिरता से जूझ रहे हैं। यह यंत्र साहस, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य और सफलता को बढ़ाने वाला शक्तिशाली तांत्रिक उपाय है।
हनुमान जी की कृपा से जीवन में दृढ़ता, स्थिरता और निर्भीकता का संचार होता है, हनुमान यंत्र का नियमित पूजन व्यक्ति को शत्रुओं पर विजय, नकारात्मकता से मुक्ति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है, हनुमान जी की निरंतर साधना से जातक के अंदर आध्यात्मिक ज्ञान और तेज बढ़ने लगता है, धीरे-धीरे यह स्थिति उसके अंदर दिव्य शक्तियां पैदा करके ब्रह्म ज्ञान का आभास कराने लगती है, हनुमान जी कि, साधक को साधना भूत भविष्य और वर्तमान का ज्ञाता बना देती है, हनुमान जी के साधक को भौतिक सुखों के अलावा मोक्ष की प्राप्ति होती है. हनुमान जी के साधक को हनुमान जी की कृपा के साथ-साथ श्री राम माता सीता और लक्ष्मण जी की कृपा भी प्राप्त होने लगती है. क्योंकि हनुमान जी भगवान शंकर का रुद्र अवतार है, इसलिए भगवान शिव का आशीर्वाद भी जातक की हर तरह से रक्षा करता है.
हनुमान यंत्र क्या है?
हनुमान यंत्र एक पवित्र और शक्तिशाली तांत्रिक उपकरण है, जो भगवान हनुमान की दिव्य ऊर्जा का प्रतीक है। यह तांबे, चांदी या भोजपत्र पर ज्यामितीय आकृतियों और मंत्रों के साथ बनाया जाता है, जिसमें हनुमान जी का आशीर्वाद समाहित होता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, यह यंत्र नकारात्मक शक्तियों, भूत-प्रेत और तंत्र-मंत्र से रक्षा करता है। इसे पूजा स्थल पर स्थापित या गले में लॉकेट के रूप में धारण किया जा सकता है। हनुमान यंत्र साहस, शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करता है। मंगलवार को इसकी स्थापना और पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। यह कुंडली में नवग्रह के अलावा मंगल और शनि दोषों को भी शांत करता है। यंत्र की सिद्धि और नियमित पूजा से भक्तों को संकटों से मुक्ति और समृद्धि प्राप्त होती है।
हनुमान यंत्र के क्या फायदे हैं?
संकटों से मुक्ति और सुरक्षा: -- हनुमान यंत्र भक्तों को सभी प्रकार के संकटों से बचाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा, बुरी नजर, और तंत्र-मंत्र के प्रभाव को नष्ट करता है। इसे धारण करने या घर में स्थापित करने से व्यक्ति के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बनता है, जो भूत-प्रेत और शत्रु बाधाओं से रक्षा करता है। हनुमान चालीसा में उल्लेख है कि हनुमान जी का नाम लेने से ही भय दूर होता है, और यह यंत्र उनकी शक्ति को और बढ़ाता है।
स्वास्थ्य और मानसिक शांति:-- हनुमान यंत्र शारीरिक और मानसिक रोगों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। यह तनाव, चिंता और नकारात्मक विचारों को दूर कर मन को शांत करता है। नियमित पूजन से व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है और वह जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होता है। यह यंत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी है, जो लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहे हैं।
सफलता और समृद्धि: -- हनुमान यंत्र को कार्यस्थल या घर में स्थापित करने से व्यवसाय और नौकरी में उन्नति होती है। यह यंत्र आर्थिक समस्याओं को कम करता है और धन के नए अवसर प्रदान करता है। यह नेतृत्व गुणों को बढ़ाता है, जिससे व्यक्ति अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है। हनुमान जी की कृपा से सभी कार्य बिना बाधा पूर्ण होते हैं।
हनुमान यंत्र के क्या लाभ हैं?
शत्रुओं पर विजय:-- हनुमान यंत्र शत्रु बाधाओं को दूर करने में अत्यंत प्रभावी है। यह गुप्त शत्रुओं और षड्यंत्रों से सुरक्षा प्रदान करता है। बजरंग बाण के समान, यह यंत्र शत्रुओं को दंडित करता है और भक्त को विजयी बनाता है। इसे सिद्ध करने के बाद नियमित पूजा से व्यक्ति अपने विरोधियों पर हावी हो सकता है, बशर्ते वह सच्चाई के मार्ग पर हो।
ग्रह दोषों का निवारण:-- हनुमान यंत्र कुंडली में मंगल, शनि, और अन्य ग्रहों के अशुभ प्रभावों को कम करता है। यह कालसर्प दोष, पितृ दोष और सूर्य-चंद्र दोष जैसे ज्योतिषीय दोषों को शांत करता है। इसे धारण करने से व्यक्ति के जीवन में ग्रहों की अनुकूलता बढ़ती है, जिससे कार्यों में सफलता मिलती है।
आध्यात्मिक उन्नति: -- हनुमान यंत्र का पूजन भक्त को आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। यह भगवान हनुमान के रुद्रात्मक स्वरूप की साधना है, जो साधक को शिव की कृपा भी दिलाता है। नियमित मंत्र जाप और पूजा से व्यक्ति का मन एकाग्र होता है और वह मोक्ष के पथ पर अग्रसर होता है।
वास्तु दोषों से मुक्ति: वास्तु शास्त्र के अनुसार, हनुमान यंत् को घर में सही दिशा में स्थापित करने से वास्तु दोष दूर होते हैं। यह घर के वातावरण को शुद्ध करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और आपसी कलह समाप्त होती है।
मनोकामनाओं की पूर्ति: --हनुमान यंत्र को सिद्ध करने और उसकी नियमित पूजा करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह यंत्र इतना शक्तिशाली है कि अन्य यंत्रों की आवश्यकता नहीं पड़ती। चाहे वह धन, यश, या स्वास्थ्य की कामना हो, हनुमान जी की कृपा से सब कुछ संभव है।
हनुमान यंत्र का क्या महत्व है?
धार्मिक महत्व: --हनुमान यंत्र भगवान हनुमान का स्वरूप है, जिन्हें कलियुग का जागृत देवता माना जाता है। यह यंत्र भक्तों को उनकी कृपा और आशीर्वाद दिलाता है। इसे पूजने से व्यक्ति संकटों से मुक्त होता है और जीवन में शक्ति, साहस और समर्पण की प्राप्ति होती है। हनुमान यंत्र की साधना तांत्रिक और वैदिक दोनों मार्गों में महत्वपूर्ण है।
ज्योतिषीय महत्व:-- ज्योतिष शास्त्र में हनुमान यंत्र को ग्रह दोषों के निवारण के लिए अत्यंत प्रभावी माना जाता है। यह मंगल और शनि जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करता है। कुंडली में मौजूद दोषों को शांत करने के लिए इसे सिद्ध कर धारण किया जाता है, जिससे व्यक्ति का भाग्य प्रबल होता है और कार्यों में बाधाएं समाप्त होती हैं।
वास्तुशास्त्रीय महत्व: --वास्तु शास्त्र के अनुसार, हनुमान यंत्र को घर या कार्यस्थल में स्थापित करने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। इसे उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं और घर में समृद्धि आती है। यह यंत्र नकारात्मक शक्तियों को नष्ट कर परिवार को हर प्रकार की बाधा से बचाता है।
हनुमान यंत्र कौन पहन सकता है?
हनुमान यंत्र एक ऐसा दिव्य और शक्तिशाली यंत्र है, जिसे कोई भी व्यक्ति चाहे वह पुरुष , विवाहित हो या अविवाहित- आस्था के साथ धारण कर सकता है। यह यंत्र विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी सिद्ध होता है, जो जीवन में निरंतर आने वाले संकटों, शत्रु बाधाओं या ग्रह दोषों से परेशान हैं। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो जिनकी कुंडली में शनि या मंगल दोष हो, उन्हें हनुमान यंत्र धारण करने की सलाह दी जाती है।
हालांकि, इसे पहनने से पहले कुछ धार्मिक नियमों का पालन आवश्यक है। इसे सिद्ध और अभिमंत्रित करवा कर ही धारण करना चाहिए, और धारणकर्ता को सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए—जैसे मांस-मदिरा से दूरी और ब्रह्मचर्य का पालन। यह यंत्र न केवल गले में लॉकेट के रूप में पहना जा सकता है, बल्कि पूजा स्थान में भी प्रतिष्ठित किया जा सकता है। चाहे बच्चा हो या बुजुर्ग, जो भी सच्ची श्रद्धा और भक्ति से हनुमान जी की आराधना करता है, वह इस यंत्र के माध्यम से आध्यात्मिक और सांसारिक लाभ प्राप्त कर सकता है।
हनुमान यंत्र के साथ हनुमान साधना कैसे करें:--
शुभ समय का चयन करें:-- मंगलवार, शनिवार और हनुमान जयंती इस साधना के लिए सबसे शुभ माने जाते हैं।
स्थान और स्वयं को शुद्ध करें:-- स्नान करें और वेदी या पूजा स्थल को साफ करें।
यंत्र को उचित स्थान पर रखें: --हनुमान यंत्र को पूर्व दिशा की ओर मुख करके एक साफ लाल कपड़े या लकड़ी के चबूतरे पर रखें।
आहुति:-- घी का दीपक जलाएं, अगरबत्ती जलाएं और लाल फूल, सिंदूर, गुड़, केले और पान के पत्ते अर्पित करें।
मंत्र जाप:---- हनुमान चालीसा, बजरंग बाण या शक्तिशाली मंत्र –
|| ॐ नमो भगवते आंजनेयाय महाबलाय स्वाहा ||
का जाप पूर्ण एकाग्रता के साथ 11, 21 या 108 बार करें।
ध्यान:-- यंत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए ध्यान में बैठें और कल्पना करें कि, भगवान हनुमान आपको शक्ति और सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।
अवधि:-- अधिकतम लाभ के लिए साधना को लगातार 11, 21 या 40 दिनों तक करें।
प्रमुख ज्योतिषीय उपाय:--
मंगल दोष निवारण: --मंगलवार के दिन हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें। चोला चढ़ाएं, लाल वस्त्र पहनकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
शनि के कष्टों से मुक्ति: --शनिवार या मंगलवार को हनुमान मंदिर में सरसों के तेल या घी का दीपक जलाएं। सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ करें।
स्वास्थ्य लाभ (रोग मुक्ति): --किसी भी प्रकार की शारीरिक पीड़ा या लाइलाज बीमारी से राहत पाने के लिए नियमित रूप से हनुमान बाहुक का पाठ करें।
कर्ज और बाधा मुक्ति:-- मंगलवार के दिन हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं। बंदरों को गुड़-चना या केला खिलाएं।
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अनिल सुधांशु
ज्योतिषाचार्य
** नीम करोली आश्रम, कैंची धाम, नैनीताल (उत्तरांचल)
** अलखनाथ मंदिर, किला, बरेली (उत्तर प्रदेश)
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